द फॉलोअप डेस्क
झारखंड भाजपा के अध्यक्ष आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान को लेकर कई सवाल उठाये हैं। आज प्रेस वार्ता में आदित्य साहू ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री व्यापारियों का अपमान करते हैं और उन्हें डराने-धमकाने का काम करते हैं, वह बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री व्यापार और निवेश लाने के नाम पर विदेश दौरे पर जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जो व्यापारी झारखंड में व्यापार करना चाहते हैं, उन्हें धमकी देते हैं। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री इसलिए व्यापारियों को धमकाते हैं क्योंकि वे चाहते हैं कि व्यापारी आएं और उनके दरबार में हाजिरी लगाएं।
आदित्य साहू ने घाटशिला उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री ने कहा था कि व्यापारी पहले पैर पकड़ता है और बाद में गला दबाने का काम करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हाल ही में विदेश दौरे से लौटे हैं और अपने साथ व्यापारियों को भी विदेश ले गए थे। यह मुख्यमंत्री की कार्यशैली को उजागर करता है। साहू ने आगे कहा, संवैधानिक पद पर बैठकर व्यापारियों को अपमानित करना और उन्हें धमकी देना ठीक नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने झारखंड में खनिजों की अवैध ढुलाई को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड किसी पार्टी या परिवार की जागीर नहीं है, जिसे बार-बार मुख्यमंत्री खनिज और कोयले की ढुलाई बंद करने की धमकी देते रहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री आखिर क्या संदेश देना चाहते हैं।
आदित्य साहू ने कहा कि भारत को खंड-खंड में देखने की सोच राष्ट्रविरोधी है। यदि झारखंड का कोयला दूसरे राज्यों में जाता है, तो दूसरे राज्यों से भी झारखंड में कई चीजें आती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि अगर किसी चीज को रोकना है तो भ्रष्टाचार, घुसपैठ के जरिए जमीन लूट, धमकी, अपहरण, बहन-बेटियों के साथ दुष्कर्म, खनिजों की लूट और जल-जंगल-जमीन की लूट को रोका जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि 6 वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने आखिर किया क्या है। आदित्य साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने काम करने के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन जो वादे किए थे, वे आज तक पूरे नहीं हुए।
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आदित्य साहू ने कहा कि पांच लाख रोजगार देने का वादा कहां गया, बेरोजगारी भत्ता और छात्रों को स्टाइपेंड देने का वादा क्या हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि न प्रशासन पर नियंत्रण है और न ही राज्य में विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री कहते कुछ और हैं और करते हैं कुछ और। लेकिन अब लोग उनके झांसे में आने वाले नहीं हैं। वहीं, राज्य सरकार द्वारा लगातार केंद्र सरकार पर बकाया भुगतान को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी आदित्य साहू ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पिछले छह वर्षों से सिर्फ यही नारा लगा रहे हैं कि बकाया है, बकाया है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कौन-सा बकाया है, मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए।