**
द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि ChatGPT, DeepSeek और Ask Perplexity जैसे एआई एप्लिकेशन का सुरक्षित और सही इस्तेमाल शिक्षकों और छात्रों को सिखाया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि एआई डिजिटल शिक्षक की तरह काम करेगा। शिक्षक इसका उपयोग पाठ योजना बनाने, बच्चों का मूल्यांकन करने और क्विज व प्रश्नपत्र बनाने के लिए कर सकते हैं। वहीं, छात्र नोट्स बनाने, विषयों को समझने और परीक्षाओं की तैयारी करने में इसकी मदद ले सकते हैं।
कक्षा 9 से 12 तक के छात्र एआई की मदद से गणित और विज्ञान के कठिन सवालों को हल कर सकते हैं, थ्रीडी मॉडल देख सकते हैं और रासायनिक समीकरणों को आसानी से समझ सकते हैं। इसके अलावा, भाषा सीखने, व्याकरण सुधारने और सामाजिक विज्ञान विषयों को गहराई से समझने में भी यह सहायक होगा। झारखंड शिक्षा परियोजना, गुमला ने शिक्षकों और छात्रों के लिए एआई के उपयोग की योजना बनाई है। इसके तहत सभी प्रखंडों और स्कूलों को गाइडेंस दिया जा रहा है। कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को एआई का सही कमांड देना और इसका जिम्मेदारी से उपयोग करना सिखाया जाएगा।
यह प्रशिक्षण दो चरणों में होगा। पहले चरण में शिक्षकों को एआई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे खुद सीखकर छात्रों को सिखा सकें। दूसरे चरण में छात्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। इस पहल के तहत, बिशुनपुर और पालकोट प्रखंडों में शिक्षकों को एआई की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने कहा कि शिक्षकों का मार्गदर्शन और छात्रों की मेहनत ही सफलता की कुंजी है, और एआई का सही इस्तेमाल शिक्षा में बड़ा बदलाव लाएगा।
