रांची:
मनी लांड्रिंग मामले (Money Laundering Cases) में ED द्वारा गिरफ्तार किए गए पंकज मिश्रा (Pankaj Mishra) रिम्स (RIIMS) के पेइंग वार्ड में इलाजरत है। बेहतर इलाज के लिए पंकज मिश्रा को एम्स रेफर किया गया, लेकिन एम्स ने उन्हें भर्ती लेने से इनकार कर दिया है। एम्स प्रबंधन ने कहा है कि पंकज मिश्रा के पैंक्रियाटाइटिस की जांच (screening for pancreatitis) करायी जाये। रिम्स प्रबंधन ब्लड जांच सहित सभी प्रकार की जांच कर पूरी रिपोर्ट भेजे। एम्स में इसका आकलन कर बताया जाएगा कि आगे क्या करना है। अगर जांच रिपोर्ट गड़बड़ आती है तो मरीज को तत्काल दिखाने की जरूरत होगी तो ओपीडी (OPD) में लाकर दिखाएं। OPD में लाने से पहले जानकारी भी दे।

मनोचिकित्सक से भी लगातार संपर्क में डॉक्टर
इधर 3 महीने से पंकज मिश्रा रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं। उनका क्रिटिकल केयर के साथ सर्जरी और मेडिसिन विभाग के डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। दर्द कम करने की प्रतिबंधित दवा फोर्टवीन को बंद कर दूसरी हल्की दवा दी जा रही है। मनोचिकित्सक से भी पंकज मिश्रा को लेकर परामर्श लिया जा रहा है। फिलहाल पंकज मिश्रा की तबीयत ठीक है। रिम्स में पेट के इलाज और जांच के लिए बेहतर सुविधा नहीं होने के कारण बोर्ड ने उन्हें एम्स रेफर कर दिया है। बता दें कि ईडी की पूछताछ के दौरान पंकज मिश्रा की तबीयत बिगड़ गई थी इसके बाद उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।

अवैध पत्थर खनन मामले में हुए गिरफ्तार
मनी लांड्रिंग के तहत इडी ने 100 करोड़ से अधिक के अवैध पत्थर खनन मामले में पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया था। इडी की चार्जशीट में यह स्पष्ट हो गया है कि पंकज मिश्रा ने अवैध खनन में सहयोगियों के साथ मिलकर करोड़ों की मनी लांड्रिंग की है