द फॉलोअप डेस्क
एयरटेल के बिहार-झारखंड के सीईओ सुजय चक्रवर्ती ने आज झारखंड के पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता से मुलाकात की। इस दौरान राज्य में बढ़ती ऑनलाइन धोखाधड़ी से निपटने और डिजिटल सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए सहयोगात्मक प्रयासों पर व्यापक चर्चा की गई।
सुजय चक्रवर्ती ने बताया कि भारत की अग्रणी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ('एयरटेल') ने झारखंड और बिहार में ग्राहकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के अपने मिशन में महत्वपूर्ण प्रगति की है। कंपनी ने अपनी AI-संचालित धोखाधड़ी का पता लगाने वाली प्रणाली के राष्ट्रव्यापी रोलआउट के तहत महज 37 दिनों के भीतर राज्य भर में 61 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित किया है।

उन्होंने बताया कि यह अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली सभी एयरटेल मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहकों के लिए स्वतः सक्रिय होती है। यह प्रणाली SMS, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ईमेल और अन्य ब्राउज़र्स पर भेजे गए लिंक को स्कैन और फिल्टर करती है। यह रियल टाइम थ्रेट इंटेलिजेंस का उपयोग करती है और प्रतिदिन 1 अरब से अधिक URL का विश्लेषण करती है। यह सिस्टम खतरनाक साइट को केवल 100 मिलीसेकंड में ब्लॉक कर देता है।
उदाहरण स्वरूप, यदि रांची का कोई निवासी "आपका पार्सल डिले हो गया है" जैसे संदेश के साथ भेजे गए लिंक https://www-tracky0urparcell-com पर क्लिक करता है, तो एयरटेल का AI-सिस्टम तत्क्षण सक्रिय हो जाता है। यह लिंक स्कैन कर संदिग्ध पाए जाने पर उसे ब्लॉक कर देता है। साथ ही यूजर को उसकी पसंदीदा भाषा में चेतावनी संदेश भी भेजा जाता है, जिसमें बताया जाता है कि “ब्लॉक कर दिया गया है और एयरटेल ने इस साइट को खतरनाक पाया है।” यह संपूर्ण प्रक्रिया रियल टाइम में महज एक पल में पूरी हो जाती है।

इस पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए सुजय चक्रवर्ती ने कहा, "एयरटेल अपने ग्राहकों को हर प्रकार की धोखाधड़ी से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह AI-सक्षम समाधान हर प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की सुरक्षा करता है और इंटरनेट को सभी के लिए अधिक सुरक्षित बनाता है। हम झारखंड में उपयोगकर्ताओं को आत्मविश्वास के साथ डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने में सक्षम बनाएंगे।"
इस अवसर पर उपस्थित एयरटेल के नोडल सिक्योरिटी प्रमुख संदीप सहाय और मार्केटिंग मैनेजर अंकुर चोपड़ा को भी पुलिस महानिदेशक, झारखंड द्वारा इस पहल की जानकारी देने के लिए बधाई एवं प्रशंसा दी गई।
