द फॉलोअप डेस्क
बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने प्रेस क्लब में आयोजित एक पीसी के दौरान अपनी ही पार्टी, गठबंधन सरकार और कई बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। अंबा प्रसाद ने बताया कि पार्टी ने हाल ही में उनके पिता और कांग्रेस के नेता, पूर्व मंत्री योंगेंद्र साव को निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने इसे ऐसा करार दिया कि लगातार चेतावनी देने के बाद भी योंगेंद्र साव पार्टी और गठबंधन सरकार के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे थे। अंबा प्रसाद ने आरोप लगाया कि योंगेंद्र साव को पार्टी ने बिना किसी नोटिस या उचित प्रक्रिया के निष्कासित किया। उन्होंने कहा कि प्रेस के सामने झूठा बयान दिया गया कि किसी मामले को पार्टी में उठाना चाहिए था, जबकि वास्तव में उन्होंने पहले से ही पार्टी नेतृत्व को पूरी जानकारी दी थी। इसके बावजूद किसी ने उनके साथ खड़ा नहीं हुआ। अंबा प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के प्रवक्ता राकेश सिन्हा और झामुमो के मनोज पांडे उन्हें हिदायत दे रहे थे, लेकिन सवाल यह है कि अगर कोई मामला गठबंधन सरकार में एसपी स्तर का है तो इसे कैसे हल किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि उन्हें अनुशासन तोड़ने के लिए मजबूर किया गया और झूठा आरोप लगाया गया कि उन्होंने कोई मसला पार्टी में नहीं उठाया। अंबा प्रसाद ने कहा कि उनके पिता और योंगेंद्र साव को धमकियां भी दी गई थीं। उन्होंने बताया कि भाजपा के सांसद और सीएम रमेश ने धमकी दी थी कि उनका राजनीतिक करियर खत्म कर दिया जाएगा और उनके पिता को जेल भेज दिया जाएगा। बावजूद इसके पार्टी ने उनका समर्थन नहीं किया। अंबा प्रसाद ने आरोप लगाया कि पार्टी ने न्यायिक और अनुशासनिक प्रक्रिया की अनदेखी की। योंगेंद्र साव के खिलाफ कार्रवाई दबाव में की गई, लेकिन पार्टी ने इसे दबाव में होने से इनकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता के घर को जबरन तोड़ा गया, और उनके परिवार का सम्मान नष्ट किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जांच के लिए कमेटी बनाई गई, तो उसका रिपोर्ट कहां है और क्यों इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। अंबा प्रसाद ने कहा कि पार्टी और गठबंधन सरकार जनता से अलग नहीं है। जनता की समस्याओं की अनदेखी करना पार्टी की छवि के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आत्मसम्मान और परिवार के सम्मान को विसर्जित करके राजनीति नहीं करेंगी। यदि उन्होंने कोई गलती की है तो पार्टी को जवाब देना होगा।

अंत में उन्होंने कहा कि वे सभी विषयों को लेकर केंद्रीय नेतृत्व के पास जाएंगी और न्याय की मांग करेंगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि योंगेंद्र साव के निष्कासन की कार्रवाई दबाव में हुई थी, जिसे पार्टी अब भी सही ठहराने की कोशिश कर रही है।