रांची:
गढ़वा जिले के नगर उंटारी में धरना-प्रदर्शन के दौरान झामुमो विधायक अनंत प्रताप देव की ओर से बीडीओ और सीओ को कथित रूप से कार्यालय में घुसकर मारने की चेतावनी दिए जाने का वीडियो सामने आने के बाद झारखंड की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने झारखंड की सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं की कथित भाषा, अनुशासन और कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि जनता खुद तय करे कि JMM नेताओं और कार्यकर्ताओं का व्यवहार ‘सुशासित’ और ‘अनुशासित’ शब्दों के वास्तविक अर्थों के अनुरूप है या नहीं। अंबा प्रसाद ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन की सरकार के दावों के बीच जनता की जमीन असुरक्षित है और लोग जल संकट से जूझ रहे हैं, जबकि जंगलराज की प्रतिष्ठा हो चुकी है।

JMM विधायक के बयान पर उठाए सवाल
अंबा प्रसाद ने एक JMM विधायक के कथित बयान का उल्लेख किया, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचल अधिकारी (CO) को धमकाने की बात कही गई है। कथित बयान के अनुसार, विधायक ने कहा, “हेमंत सोरेन के लोगों को परेशान मत करो, नहीं तो तुमको ऑफिस में घुसकर पीटेंगे सब।” अंबा प्रसाद ने इस बयान को लेकर JMM के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के अनुशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस का कोई मंत्री इस तरह का बयान देता, तो उसके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की जाती। उन्होंने सवाल किया कि क्या JMM के विधायक, नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भी अनुशासन के नियम लागू होते हैं।
.jpeg)
‘मौन रहना सहमति का लक्षण’ कहकर प्रशासन पर निशाना
कांग्रेस विधायक ने संस्कृत कहावत ‘मौने सम्मति लक्षणम्’ का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की कथित चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह मानना सही नहीं होगा कि संबंधित वीडियो प्रशासनिक अधिकारियों को दिखाई नहीं देता। अंबा प्रसाद ने अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपनी रीढ़ की हड्डी की जांच करानी चाहिए और गले का पट्टा थोड़ा ढीला कर लेना चाहिए, क्योंकि वह बहुत कस गया है और लोग सांस नहीं ले पा रहे हैं।
‘जनता के सेवक से विशेष कुर्सी के सेवक बन गए अधिकारी’
अंबा प्रसाद ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे जनता के सेवक से विशेष कुर्सी के सेवक बन चुके हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए मानव शरीर की कॉक्सिक्स (Coccyx) हड्डी का जिक्र किया और कहा कि आजकल कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की इस हड्डी में विशेष वृद्धि हो गई है, जिससे हलचल पैदा हो रही है। उन्होंने अपने बयान के माध्यम से सरकार, JMM नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।