द फॉलोअप डेस्क
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है खासकर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच। इसे लेकर पेट्रोल और डीजल की किल्लत होने की अफवाह फैलने लगी है। इस अफवाह का असर गढ़वा जिले में भी देखने को मिला। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कोई अपनी गाड़ियों की टंकी फुल करवा रहा था तो कोई गैलन में तेल भरवा कर ले जा रहा था। मामले की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम ने विभिन्न पेट्रोल पंपों की जांच की। सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने गढ़वा और मेराल प्रखंड के कई पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पेट्रोल और डीजल के स्टॉक, बिक्री रजिस्टर और पिछले चार दिनों के बिक्री ट्रेंड की जांच की। इस दौरान पेट्रोल लेने पहुंचे कुछ उपभोक्ताओं से भी उन्होंने बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
निरीक्षण के क्रम में मेराल के दो पेट्रोल पंपों पर प्रथम दृष्टया अनियमितता पाई गई। इन दोनों मामलों की विस्तृत जांच के लिए गढ़वा और मेराल के अंचलाधिकारी और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को संयुक्त रूप से जांच कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया है। एसडीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि पेट्रोल और डीजल आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आते हैं। यदि किसी पेट्रोल पंप द्वारा कृत्रिम संकट उत्पन्न करने या किसी प्रकार की अनियमितता करने की पुष्टि होती है तो संबंधित लाइसेंसधारी पंप संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के साथ-साथ लाइसेंस निरस्तीकरण की अनुशंसा की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कई पेट्रोल पंपों पर कुछ लोग अपनी मोटरसाइकिल के दोनों ओर चार-पांच गैलन लटकाकर पेट्रोल लेने पहुंचे थे। एसडीएम ने ऐसे लोगों को सख्ती से मना करते हुए कहा कि गैलन में पेट्रोल ले जाने से कृत्रिम संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर जारी तनाव को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए कहा कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं है। लोगों से अपील की गई कि वे घबराकर अनावश्यक भंडारण न करें और आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन खरीदें।
वहीं मेराल फ्लाईओवर के नीचे स्थित एक पेट्रोल पंप पर लंबी कतार लगी हुई थी और पंप संचालक तकनीकी खराबी का हवाला देकर पेट्रोल-डीजल देने से मना कर रहा था। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत आपूर्ति शुरू करवाई और संचालक से स्पष्टीकरण मांगा। इसके अलावा गोंदा और लातदाग स्थित दो पेट्रोल पंप बंद पाए गए, जहां यह सूचना भी प्रदर्शित नहीं की गई थी कि पेट्रोल पंप क्यों बंद है। इन दोनों पंपों की जांच की जिम्मेदारी मेराल के अंचलाधिकारी और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को दी गई है। एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि कृत्रिम संकट पैदा करने, जमाखोरी करने या झूठी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
