रांची/दिल्ली:
कैश कांड में कारोबारी अमित अग्रवाल (Amit Agarwal) की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। सुप्रीम कोर्ट (SC) में आज उनकी दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। ताजा जानकारी के अनुसार शीर्ष अदालत से भी उन्हें राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि पहले झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand Highcourt) में याचिका दाखिल करें। वहां सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट आ सकते हैं। अदालत ने यह कहा कि यह क्रिमिनल रिट सुप्रीम कोर्ट में मेंटेनेबल नहीं (Criminal writ not maintainable in Supreme Court) है। बता दें कि कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल को ईडी ने पीआईएल मैनेज करने के लिए लाखों रुपये कैश लेनदेन में आरोपी (Accused in lakhs of rupees cash transaction to manage PIL) बनाया है।

अंतरिम राहत की मांग
बता दें कि अमित अग्रवाल ने दाखिल याचिका में अंतरिम राहत दिये जाने की मांग की थी। बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट में अमित अग्रवाल की कंपनी द्वारा शेल कंपनियों में निवेश से जुड़ी याचिका शिव शंकर शर्मा ने दायर की है। जिसमें अमित अग्रवाल समेत कई अन्य नेताओं के नाम हैं। ED ने व्यवसायी अमित अग्रवाल की रिमांड अवधि समाप्त होने पर शुक्रवार को ED के विशेष न्यायाधीश प्रभात कुमार शर्मा की अदालत में पेश किया था। ईडी (ED) की ओर से अमित अग्रवाल को रिमांड पर लेने के लिए कोई आग्रह नहीं किया गया। इसके बाद अमित अग्रवाल को ईडी ने होटवार जेल भेज दिया।

छह दिनों तक हुई थी पूछताछ
बता दें कि व्यवसायी अमित अग्रवाल की शिकायत पर कोलकाता पुलिस ने 31 जुलाई को झारखंड हाइ कोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार को 50 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ED की टीम ने व्यवसायी अमित अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद रिमांड पर लेकर छह दिनों तक उससे पूछताछ की गई थी।