रांची:
कोलकाता के चर्चित कारोबारी अमित अग्रवाल (Amit Agarwal) की रिमांड की अवधि ED ने खत्म होने के बाद आज उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। ED ने अमित अग्रवाल को फिर से रिमांड पर लेने के लिए अदालत से आग्रह नहीं किया (did not request the court to take remand )। जिसके बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया (sent to judicial custody) है। ED अमित अग्रवाल को रिमांड पर लेकर 6 दिनों तक पूछताछ कर चुकी है। जानकारी के अनुसार इन 6 दिनों की रिमांड के दौरान अमित अग्रवाल ने ED के समक्ष कई चौंकाने वाले खुलासे किये हैं।

7 अक्टूबर को कोलकाता से हुए थे गिरफ्तार
बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार को कैश के साथ पकड़वाने वाले कोलकाता के कारोबारी अमित अग्रवाल ने 7 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। बताया गया था कि प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता से जनहित याचिका मामले में नकदी के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। ईडी अधिकारियों की एक टीम उससे पूछताछ करने गई थी जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके बाद रिमांड पर लेकर 6 दिनों तक उससे पूछताछ की गई।

कौन है अमित अग्रवाल
कोलकाता के सॉल्टलेक में रहने वाले अमित अग्रवाल के परिवार का झारखंड से पुराना नाता है। जामताड़ा में मिहिजाम वनस्पति नामक कंपनी इनकी बताई जाती है। इनके खिलाफ शेल कंपनियों को लेकर आरोप लगता रहा है। इन्होंने ही झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता के विरुद्ध कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 50 लाख रुपए के साथ उन्हें गिरफ्तार करवाया था। अमित ने अधिवक्ता पर आरोप लगाया है कि एक जनहित याचिका को मैनेज करने के नाम पर एक करोड़ रुपये की मांग की थी। पहली किश्त के रूप में 50 लाख रुपए लेने कोलकाता गए थे। तब अमित ने राजीव कुमार को गिरफ्तार करवाया था। ऐसे में अधिवक्ता राजीव कुमार के मामले में ईडी मनी लांड्रिंग के तहत अनुसंधान कर रही है।