द फॉलोअप डेस्कः
मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की कार्यशैली से उनके कैबिनेट के कुछ मंत्रियों को पसंद नहीं है। मुख्यमंत्री के कामकाज का तरीका कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को रास नहीं आ रहा। उनकी कार्यशैली से कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव और ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम नाराज हैं। चारों मंत्री शनिवार को प्रस्तावित कैबिनेट मीटिंग का बहिष्कार करने वाले थे। लेकिन सभी मंत्री कैबिनेट की बैठक में पहुंच गये हैं। बैठक शुरू हो गई है।

हेमंत का संदेश लेकर पहुंचे थे मंत्री मिथिलेश ठाकुर
दरअसल शुक्रवार को मिथिलेश ठाकुर आलमगीर आलम के आवास पहुंचे थे। वहां वह पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का संदेश लेकर पहुंचे थे। उन्होंने इसके बाद सभी मंत्री मान-मनौव्वल के बाद कैबिनेट में शामिल होने को तैयार हो गये। आज तीन कांग्रेस कोटे के मंत्री एक साथ कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए। दरअसल ऐसा इसलिए कहा जा रहा था कि कांग्रेस कोटे के मंत्री बैठक का बहिष्कार कर सकते हैं क्योंकि शुक्रवार को जमशेदपुर में सीएम, कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक, इसमें स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को भी हिस्सा लेना था लेकिन वह नहीं आये। वहीं चाकुलिया में भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मंत्री आलमगीर आलम नहीं पहुंचे थे। ऐसे में साफ पता चल रहा था कि कांग्रेस के मंत्री चंपाई से नाराज हैं। मंत्रियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन वन मैन आर्मी की तरह काम कर रहे हैं। मंत्रिमंडल की सहमति लिये बगैर फैसला करते हैं। किसी भी योजना या परियोजना की लॉन्चिंग से पहले संबंधित विभागीय मंत्री से रायशुमारी भी नहीं करते।
