logo

हेमंत सोरेन पर अश्विनी चौबे ने किया प्रहार, कहा- भ्रष्टाचारियों की है सरकार, खनिज संपदा की हो रही लूट

1913.jpg

द फॉलोअप डेस्क
हेमंत सोरेन की सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताते हुए केंद्रीय खाद्य आपूर्ति, वन- पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री ने जमकर प्रहार किया। अपने दो दिवसीय झारखंड प्रवास पर रांची पहुंचे अश्विनी चौबे ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश इकाई ने लगातार सड़क से सदन तक राज्य की गठबंधन सरकार की वादाखिलाफी जनविरोधी नीतियों को उजागर करते हुए बड़े आंदोलन किए हैं। सरकार अपने वायदों को पूरा करने में सबसे अक्षम साबित हुई है। वर्तमान में चल रही राज्य की सरकार आदिवासी, दलित पिछड़ा युवा महिला एवं किसान विरोधी साबित हुई है। इस सरकार को बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले 30 मई को केंद्र की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही एनडीए सरकार के 9 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री के सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और सब का प्रयास के मूल मंत्र पर चल रही है। आज केंद्र से 100 रुपए चलकर आ रही है एवं पूरे के पूरे 100 रुपए लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।

मोदी ने भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसा
जब से मोदी ने भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसा है तब से वे घबराहट में हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड एवं बिहार में भी ठग बंधन की सरकार है। मगर जनता का भरोसा मोदी के केंद्र की सरकार पर है एवं हमें पूर्ण विश्वास है की 2024 में हम फिर से 350 प्लस लोकसभा सीटें जीतकर एक बार फिर से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनाएंगे।

41.03 लाख मैट्रिक टन अनाज केंद्र की ओर से हुआ है वितरण
झारखंड में कोविड-19 के दौरान 41.03 लाख मैट्रिक टन अनाज केंद्र की ओर से राज्य की जनता के बीच वितरण किया गया है। जिसका सीधा लाभ 58.41 लाख जनता को प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि बिचौलियों एवं फर्जी किसानों से खरीद बंद करने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी की मदद से किसानों से सीधे खरीद की जा रही है। उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से पैसे भेजे जा रहे हैं ताकि इस समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा को और सशक्त बनाने के लिए एक देश एक राशन कार्ड योजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है जिससे कोई भी व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में अपने हक से वंचित ना हो। वर्तमान में भारत सरकार ने वन नेशन वन राशन कार्ड के सिद्धांत को भी पूर्ण रूप से लागू कर दिया है जिसके तहत झारखंड के प्रवासी मजदूर भाइयों को भी बहुत सहायता मिल रही है। इसके तहत वे देश के किसी भी कोने में राशन की दुकान से निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न का उठाव कर सकते हैं।

भंडारण की बढ़ी है क्षमता
झारखंड राज्य में भारतीय खाद्य निगम की भंडारण क्षमता 2015 में जो लगभग 2.32 लाख मैट्रिक टन थी जो अब बढ़कर 2022- 23 में 3.96 लाख मैट्रिक टन हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा झारखंड राज्य में भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए प्लान स्कीम के तहत चतरा इटखोरी में 10,000 मेट्रिक टन, गोड्डा के पोड़ैयाहाट में 10000 मेट्रिक टन एवं दुमका में भी 10,000 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम निर्माण का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम द्वारा एचईसी रांची से जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया जारी है जिस पर क्षेत्रीय एवं मंडल कार्यालय रांची में बनाने हेतु प्रक्रिया आरंभ करने के लिए स्वीकृति दे दी गई है वहीं भारतीय खाद्य निगम के मंडल धनबाद एवं देवघर में मंडल कार्यालय निर्माण कार्य के लिए भी प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।

तीन शहरों का किया गया है चुनाव
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु योजना के तहत राज्य में धनबाद शहर को चुना गया है2019-20 से  2021-22 तक कुल 6 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। वहीं, वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए राज्य के 3 शहरों धनबाद, जमशेदपुर और रांची को चुना गया है जिसके लिए 4 वर्षों के लिए 279.4 4 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि नगर वन योजना के तहत झारखंड सरकार द्वारा 33 प्रस्ताव भेजे गए जिसमें भारत सरकार ने 6 प्रस्ताव का अनुमोदन किया है एवं 2021-22 के लिए कूल 399. 02 लाख रुपए की राशि आवंटित की है जिससे रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह लाभान्वित हुए हैं। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक एवं प्रवक्ता अविनेश सिंह उपस्थित रहे।

हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंhttps://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT