द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग में आज विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें छह जिलों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में कई विधानसभा क्षेत्रों के विधायक शामिल हुए और अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करना था। लेकिन इस बैठक में समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति रही और उनकी जगह जूनियर स्तर के पदाधिकारी मौजूद थे, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। सदस्यों ने अलग-अलग विभागों से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाए और अधिकारियों से जवाब मांगा। लेकिन कई अहम सवालों पर अधिकृत अधिकारी संतोषजनक जवाब देने में असमर्थ नजर आए। इससे समिति के सदस्यों में नाराजगी साफ तौर पर देखने को मिली। नाराज समिति ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि जिन पदाधिकारियों के पास सवालों के जवाब नहीं थे, उनकी शिकायत संबंधित मंत्रालय और विधानसभा में की जाएगी, साथ ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश भी की जाएगी।
इसके अलावा बैठक के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। समिति के सदस्यों ने बताया कि जिन डीलरों को चार महीने पहले निलंबित किया गया था, उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के फिर से बहाल कर दिया गया। इस मामले पर समिति ने अधिकारियों पर निलंबन प्रक्रिया के दुरुपयोग का आरोप लगाया और सवाल किया कि आखिर किन आधारों पर पहले निलंबन किया गया और फिर बहाली का निर्णय लिया गया। समिति ने इन सभी मामलों में स्पष्ट और ठोस जवाब मांगे हैं। बैठक में उठे ये मुद्दे प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।