रांची
हजारीबाग में पत्रकार आशीष कुमार साव के साथ हुई बर्बरतापूर्ण मारपीट के खिलाफ अब आक्रोश की ज्वाला धधकने लगी है। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों पर एक पत्रकार को बेरहमी से पीटे जाने का गंभीर आरोप लगा है। वहीं इस घटना के विरोध में तेली अधिकार मंच ने भी मोर्चा खोल दिया है। मंच ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मंत्री सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो तेली अधिकार मंच राज्यव्यापी आंदोलन करने पर बाध्य होगा। गुरुवार को रांची में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंच के मुख्य संयोजक निरंजन तेली ने कहा कि पत्रकारों पर हमला करना सीधे तौर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने जैसा है।
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मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए
उन्होंने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि मंत्री इरफान अंसारी यह स्पष्ट करें कि यह देश बाबा साहेब के संविधान से चलेगा या उनके द्वारा पाले गए गुंडों से? जिस तरह पत्रकार को जान से मारने की नीयत से पीटा गया, उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरंजन तेली ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना आचरण वाले मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। उन्होंने कहा कि मंत्री जिस दमनकारी मानसिकता को धरातल पर उतारने का प्रयास कर रहे हैं, जनता आने वाले समय में उसका मुंहतोड़ जवाब देगी। उन्होंने आगे कहा के तेली अधिकार मंच पूरी तरह से पीड़ित पत्रकार और पत्रकार बिरादरी के साथ खड़ा है और इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने में अगर जान भी देनी पड़े तो कदम पीछे नहीं हटेगा।

तेली अधिकार मंच चुप नहीं बैठेगा
प्रेस वार्ता के दौरान मंच के मुख्य संरक्षक हरिनाथ साहू ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज न होना बेहद शर्मनाक है और यह सीधे तौर पर संविधान का अपमान है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तत्काल एक उच्च स्तरीय कमेटी के गठन की मांग की है। मंच के पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह हमला सिर्फ एक पत्रकार पर नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी पर है। यदि सरकार और प्रशासन इस मामले में ढुलमुल रवैया अपनाते हैं, तो तेली अधिकार मंच चुप नहीं बैठेगा। आने वाले दिनों में रांची से लेकर जिला मुख्यालयों तक सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।