द फॉलोअप डेस्क
प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछा है कि क्या अरबों की काली कमाई करनेवाले अफसरों के खिलाफ जांच होगी। क्या चंदन सिन्हा टाईप नामी-बेनामी अकूत संपत्ति एवं कूड़े का भाव दिखाकर अरबों की काली कमाई करने वाले ऐसे अफसरों के खिलाफ भी जांच और कार्रवाई होगी या आपकी जॉंच शराब घोटाले की काली कमाई में आपके हिस्से की रकम चुराने वाले विनय चौबे तक ही सिमट कर रह जायेगी? बाबूलाल मरांडी ने आगे लिखा है-कहिए तो काली कमाई से नामी-बेनामी दर्जनों अकूत संपत्ति बनाने वाले झारखंड के उन कुछ बेईमान अफसरो का नाम बता दूँ, जो आपकी नाक के नीचे झारखंड की ऐसी की तैसी कर रहे हैं? ज़रूरत समझ में आये तो कॉल कर लीजिएगा, सब बता देंगे आपको।
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बाबूलाल मरांडी ने यह पोस्ट भाजपा नेता अजय साह के एक्स पर किए गए पोस्ट पर लिखा है। अजय साह ने पोस्ट किया था कि अख़बार में प्रकाशित ख़बर से पता चलता है कि रांची के पूर्व एसएसपी और वर्तमान डीआईजी ने बताया है कि मोरहाबादी स्थित उनका फ्लैट मात्र 13.35 लाख रुपये का है और देवघर में उनका घर सिर्फ़ 4.5 लाख रुपये का। यानि उनके घरों की कीमत प्रधानमंत्री आवास योजना और अबुआ आवास योजना के तहत बनने वाले घरों से भी कम है। ऐसे इनोवेटिव अधिकारी को झारखंड का भवन निर्माण मंत्री बनाया जाना चाहिए, ताकि राज्य की जनता को भी उनकी इस सोच और दक्षता का लाभ मिल सके।
