रांची:
विधानसभा में भोजनावकाश के बाद द्वितीय अनुपूरक पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने नियोजन नीति पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। कहा कि सरकार की उर्दू को आई लव यू की नीति को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। कहा कि सरकार की नीति भेदभावपूर्ण, त्रुटिपूर्ण और तुष्टिकरण की राजनीति से प्रभावित थी इसलिए हाई कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। उन्होनें सरकार से जानना चाहा कि आज झारखंड में कौन सा नियोजन नीति लागू है। सरकार की गलत नीतियों से गुस्साए राज्य के युवा मौका के इंतजार में हैं। उन्होनें कहा कि 1932 खतियान और नियोजन नीति पर विधि विभाग की प्रतिकूल टिप्पणी के बाद असंवैधानिक तरीके से फैसला लिया। जिस कारण राज्य की युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। हर वर्ष 5 लाख नियुक्ति का वादा कर सरकार में आई यह सरकार 3 वर्ष में मात्र 356 नियुक्ति ही कर पाई है। उन्होनें कहा कि बजट सत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि खतियान आधारित नियोजन नीति कोर्ट में खारिज हो जाएगा। जब ईडी ने माइंस लीज में उनपर नकेल कसी तो 1932 याद आ गया। कहा कि यह झारखंड किसी की खैरात नहीं है बल्कि यहां के साढ़े तीन करोड़ जनता का है।
