रांचीः
भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को रांची जिला स्कूल से शुरू होकर कचहरी रोड होते हुए युवाओं के द्वारा उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया। यह विरोध इस चीज को लेकर था कि वर्तमान सरकार में बेरोजगारी से तंग आ कर युवा आत्महत्या कर रहे हैं, युवाओं के साथ वादा खिलाफी हो रही है, प्रशासनिक व्यवस्था भ्रष्ट है, अतिक्रमण के नाम पर अत्याचार एवं दुकानदारों के साथ हो रहे ज्यादती हो रही है।
इन तमाम मसलों पर भाजयुमो ने विरोध प्रदर्शन किया। उपायुक्त कार्यालय का घेराव भाजयुमो रांची महानगर के अध्यक्ष रोहित नारायण सिंह के नेतृत्व में किया गया। उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया।

क्या कहा ज्ञापन में
ज्ञापन में कहा गया कि आज राज्य की विधि व्यवस्था चरमरा गई है। आम और खास कोई भी सुरक्षित नहीं है। व्यवसायी, पत्रकार, चिकित्सक, अधिवक्ता, न्यायाधीश की हत्याएं रही महिला उत्पीड़न, बहन-बेटियों के साथ आये दिन बलात्कार की घटनाएं हो रही है। परिजन बहन-बेटियों को घर से बाहर भेजने में डरने लगे हैं। सत्ता के संरक्षण में राज्य की खनिज संपदा की लूट मची है। युवाओं, बेरोजगारों की दशा दयनीय है। राज्य की युवा शक्ति सरकार की वादा खिलाफी से हताश और निराश है।

युवाओं, बेरोजगारों में राज्य सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। सरकार की नियोजन नीति के खिलाफ बेरोजगार आंदोलन करने को मजबूर हैं। यह सरकार नौकरी देने में नहीं बल्कि छिनने में विश्वास करती है। कोरोना काल में राज्य सरकार की विफलता ने सरकार की नीति और नियत को उजागर किया है। आज गरीब भूख से मरने को विवश है।

ये सभी रहे उपस्थित
कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से रांची सांसद संजय सेठ , राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार,रांची विधायक सीपी सिंह, कांके विधायक समरी लाल, रांची महानगर उपमहापौर संजीव विजयवर्गीय, भाजपा रांची महानगर अध्यक्ष के.के.गुप्ता, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष किसलय तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता अमित कुमार,महामंत्री बलराम सिंह, उपाध्यक्ष राजू सिंह, जितेंद्र सिंह पटेल, मंत्री गुड्डू सिंह, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष कुंदन कुमार,रंजीत नाथ सहदेव , मीडिया सेल प्रभारी विश्वजीत कुमार सिंह, रजनीश पांडे, सोनू सिंह, राहुल सिन्हा चंकी, पीयूष साहू,ऋषभ गक्कर,सनोज सिंह,तुषार आरव, समुंद्र मृद्धा , रोहित सिंह,साहिल कुमार,रौनक राजपूत,सूरज भान सिंह के साथ रांची महानगर जिला के 17 मंडल अध्यक्षों के नेतृत्व में युवाओं ने सड़कों पर भारी विरोध शांतिपूर्ण तरीके से दर्ज किया।