रांची
प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता कैलाश यादव ने आम बजट 2026 को आज़ाद भारत का अब तक का सबसे कमजोर और निराशाजनक बजट करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में न तो युवाओं के रोजगार के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं और न ही औद्योगिक विकास को लेकर कोई स्पष्ट नीति दिखाई देती है।
कैलाश यादव ने कहा कि भारत खुद को दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था बताता है, लेकिन हकीकत यह है कि वर्ष 2025 में करीब एक लाख छोटी-बड़ी कंपनियां बंद हो गईं। इसका सीधा असर बेरोजगारी, पलायन और महंगाई पर पड़ेगा, जो आने वाले समय में और प्रचंड स्तर पर बढ़ेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बजट 2026 में कृषि विकास, उद्योग, टेक्निकल यूनिवर्सिटी और श्रमिक कल्याण जैसे अहम क्षेत्रों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। बजट में न कोई मिशन दिखता है और न ही कोई दीर्घकालिक विजन।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में कुछ चुनिंदा नामचीन उद्योगपतियों का वर्चस्व बढ़ा है, जबकि मझोले और बड़े व्यापारियों तथा पूंजीपतियों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश में एफडीआई निवेश लगभग शून्य हो चुका है और सरकार द्वारा आयोजित कई बिजनेस कन्वेंशन के बावजूद निवेशकों का रुझान नहीं बन पाया। कैलाश यादव ने कहा कि देश में विधि-व्यवस्था की स्थिति, धार्मिक और जातीय ध्रुवीकरण तथा असहिष्णुता का माहौल निवेश और रोजगार सृजन के रास्ते में बड़ी बाधा है। जब तक जमीनी स्तर पर सकारात्मक और भेदभाव-मुक्त वातावरण नहीं बनेगा, तब तक ‘विकसित भारत’ की बात करना केवल दिखावा है।
उन्होंने कहा कि राजद का स्पष्ट मानना है कि मोदी सरकार जुमलेबाजी और खोखले वादों के सहारे देश की जनता को गुमराह कर रही है। यह बजट जीवनोपयोगी नहीं, बल्कि आम लोगों को और अधिक कर्जदार बनाने वाला है। इससे पहले महान संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती के अवसर पर राजद नेताओं ने प्रदेश कार्यालय में उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
