द फॉलोअप डेस्क
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल गोलचक्कर से गिद्दीबेड़ा तक लगभग 6 किलोमीटर सड़क की स्थिति जर्जर बनी हुई है। वहीं चांडिल जलाशय से निकलने वाली नहर, जिसके किनारे से यह सड़क गुजरती है, उसकी बैरिकेडिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे बड़ी घटना होने का खतरा बना हुआ है। इन समस्याओं को देखते हुए पिछले साल 2 सितंबर को स्थानीय विधायक द्वारा साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से सड़क के राइडिंग सुधार कार्य का शिलान्यास किया गया था। इस कार्य को मार्च तक पूरा किया जाना था, लेकिन मार्च का अंत होने को है और सुधार कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है।
यह मार्ग चांडिल, नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के लोगों के लिए जिला मुख्यालय और जिला अस्पताल जाने का एकमात्र प्रमुख मार्ग है। इसी सड़क के किनारे बालिका आवासीय विद्यालय, चांडिल प्रखंड सह अंचल कार्यालय, अग्निशमन केंद्र, नर्सिंग होम और स्टेडियम स्थित हैं। यह सड़क काफी व्यस्त मार्गों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। करीब 6 किलोमीटर सड़क की हालत बेहद खराब है। कई जगहों पर दो से ढाई फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं और पूरी सड़क काली धूल से ढकी हुई है। वाहनों के गुजरने पर धूल गुबार की तरह उड़ती है, जिससे दोपहिया सवार धूल से भर जाते हैं और सड़क किनारे स्थित दुकान व मकान भी प्रभावित हो रहे हैं। लोग धूल से बचने के लिए मुंह पर मास्क या रुमाल बांधकर गुजरने को मजबूर हैं। वहीं क्षेत्रीय विधायक सविता महतो ने बताया था कि सड़क में बड़े गड्ढों के कारण टेंडर की राशि कम पड़ रही थी, जिसके चलते राशि बढ़ाने के लिए आवेदन दिया गया था। उन्होंने कहा था कि स्वीकृति मिलने के बाद होली के बाद सड़क सुधार कार्य शुरू किया जाएगा।
स्थानीय निवासी राकेश रंजन महतो ने बताया कि पिछले कई वर्षों से सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है। रोजाना हजारों वाहन, मरीज, विद्यार्थी और मजदूर इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। शिलान्यास के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही समस्या का समाधान होगा, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी हालत बदतर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस सड़क से प्रखंड कार्यालय आने-जाने में काफी परेशानी होती है और खराब सड़क के कारण कई बाइक सवार दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। स्थानीय अशुदेव महतो ने बताया कि इस समस्या को लेकर हाल ही में बैठक की गई है। यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो पथ निर्माण विभाग और जिला उपायुक्त को लिखित सूचना दी जाएगी और आगे आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभाग से सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है, ताकि आम लोगों को हो रही परेशानी से राहत मिल सके।
