द फॉलोअप डेस्क
सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर में 31 मार्च की रात करीब 9:30 बजे हुए चापड़बाजी और फायरिंग के मामले का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस कांड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में छायानगर निवासी करण वर्मा (21), निर्भय सिंह उर्फ छोटका (19), संतोष वर्मा उर्फ मन्ना और कुणाल मुंडा उर्फ छिला (23) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त एक देसी कट्टा, तीन चापड़ और दो मोबाइल फोन बरामद किया हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार चार में से तीन आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। करण वर्मा पूर्व में लिकर केस, निर्भय सिंह किडनैपिंग केस, जबकि कुणाल मुंडा एनडीपीएस और हत्या के प्रयास मामलों में जेल जा चुका है। इस संबंध में सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि घटना की रात आरोपियों ने जगन्नाथ पुष्टि उर्फ सन्नी पुष्टि और नंदू लोहार उर्फ नंदू कर्मकार पर चापड़ से जानलेवा हमला किया था और इलाके में दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की थी।
घटना के बाद एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी द्वारा डीएसपी भोला प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को सीतारामडेरा बस स्टैंड से गिरफ्तार किया, जहां से वे बस से पटना भागने की फिराक में थे। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी और घायल एक ही इलाके छायानगर के रहने वाले हैं। इनके बीच वर्ष 2022 से विवाद चल रहा था। वर्ष 2023 में बर्निंग घाट में भी इनके बीच झड़प हो चुकी थी, जबकि हालिया रामनवमी के दौरान भी तनाव की स्थिति बनी थी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को आशंका थी कि नंदू लोहार और सन्नी पुष्टि उन पर हमला कर सकते हैं। इसी डर और आपसी रंजिश के चलते उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
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