द फॉलोअप डेस्क
देश की प्रमुख रेलइंजन निर्माता इकाई, चित्तरंजन रेलइंजन कारखाना (चिरेका/CLW) ने एक बार फिर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया है। संस्थान ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 800 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का उत्पादन कर दुनिया के सबसे बड़े लोकोमोटिव निर्माता के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत कर लिया है। इस कुल उत्पादन में चिरेका की चित्तरंजन इकाई ने 600 और डानकुनी लोको वर्क्स ने 200 इंजनों का योगदान दिया। डानकुनी इकाई के लिए यह आंकड़ा उसकी स्थापना के बाद से किसी भी वित्तीय वर्ष का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। गौरतलब है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में CLW ने कुल 700 इंजनों का उत्पादन किया था। 31 मार्च को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर चिरेका के कारखाने स्थित गोलिएथ यार्ड में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। महाप्रबंधक मोहित चंद्रा ने नारियल फोड़कर और हरी झंडी दिखाकर 5 नए इलेक्ट्रिक इंजनों को रवाना किया।

इनमें WAP-5 पुश-पुल एरोडायनामिक लोको: अमृत भारत ट्रेनों के लिए (1 जोड़ा), WAG-9HC ट्विन लोको: (1 जोड़ा), WAG-9HC लोको: (1 एकल इंजन) शामिल हैं। वहीं पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी, भारतीय रेलवे में तेजी से हो रहे विद्युतीकरण के बीच 800 इंजनों का यह रिकॉर्ड उत्पादन बेहद महत्वपूर्ण है। यह उपलब्धि न केवल देश में रेल आवागमन को सुगम और तेज बनाएगी, बल्कि ईंधन की भारी बचत करने और कार्बन फुटप्रिंट (प्रदूषण) को कम करने में भी गेम-चेंजर साबित होगी। इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक मोहित चंद्रा ने इस सफलता का श्रेय "टीम CLW" के समर्पित और कर्मठ रेल कर्मियों को दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की निरंतर प्रतिबद्धता, नवाचार और चुनौतियों से लड़ने के जज्बे के कारण ही उत्पादन और दक्षता के ये नए वैश्विक मानक स्थापित हो पाए हैं। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए कारखाने के सभी प्रधान विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।
.jpeg)