द फॉलोअप डेस्क
चित्तरंजन रेलइंजन कारखाना (CLW) टाउनशिप में पूर्व हॉकी खिलाड़ी एवं चिरेका कर्मी एरिक लकड़ा की मौत के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। 30 मार्च की रात करीब 9:45 बजे दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। वे 8 मार्च को हुए हमले के बाद से लगातार उपचाराधीन थे। जानकारी के अनुसार, 8 मार्च की रात एरिक लकड़ा अपनी कार से लौट रहे थे। इसी दौरान ओवल मैदान/स्टेशन चौक क्षेत्र के पास कुछ युवकों से कहासुनी हुई। आरोप है कि इसके बाद बाइक सवार तीन युवकों ने उनका पीछा किया और अशोक ऐवेंन्यु स्थित ऑफिसर्स क्लब हाउस के समीप लोहे की रॉड से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल अवस्था में पहले उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से स्थिति नाजुक होने पर दुर्गापुर रेफर किया गया। घटना के बाद चित्तरंजन थाना कांड संख्या 3/26 (दिनांक 11 मार्च 2026) के तहत उनकी पत्नी तारामनी लकड़ा की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब मौत के बाद यह मामला हत्या (IPC धारा 302) में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं पुलिस के पास घटना से संबंधित CCTV फुटेज होने की बात सामने आई है। हालांकि, फुटेज स्पष्ट नहीं होने के कारण अब तक आरोपियों की पुख्ता पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
.jpg)
इधर, मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजनों और एससी-एसटी एसोसिएशन ने चित्तरंजन के प्रवेश द्वार तीन नंबर गेट पर शव रखकर सड़क जाम किया,इसके बाद शव को एससी-एसटी कार्यालय (जीएम ऑफिस) ले जाया गया, और फिर जुलूस के रूप में चित्तरंजन थाना पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क जाम के कारण आवागमन बाधित रहा और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इस बीच CLW लेबर यूनियन के नेतृत्व में भी थाना के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया। यूनियन नेताओं ने कहा कि सुरक्षित माने जाने वाले CLW टाउनशिप में इस तरह की घटना होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। ओवल मैदान के पास हुई मारपीट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस वीडियो की भी जांच कर रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक एवं आक्रोश का माहौल है। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एरिक लकड़ा हत्याकांड ने चित्तरंजन में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी है।
