द फॉलोअप डेस्क
रूपनारायणपुर में हाल ही में हुई चोरी की घटनाओं के मद्देनजर, कोलकाता से सीआईडी की एक टीम आज भवानी भवन पहुंची और चोरी की जांच शुरू कर दी। टीम में फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ शिउली करार और फोटोग्राफर तन्मय कुंडू शामिल थे, जिन्होंने करीब तीन घंटे तक घर की अलमारियों और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं से फिंगरप्रिंट एकत्र किए। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पहल से पुलिस की सक्रियता बढ़ी है और चोरों को पकड़ने में मदद मिलेगी।
यह जांच, शांतश्री पल्ली निवासी पूर्व भारतीय सेना कैप्टन सतीश चंद्र शर्मा के घर में हुई चोरी के बाद शुरू हुई है। 27 जुलाई को हुई इस चोरी के समय कैप्टन शर्मा और उनका परिवार अमरनाथ यात्रा पर गए हुए थे। चोरों ने घर से करीब 17 लाख रुपये के सोने के आभूषण, 100 चांदी के सिक्के और लगभग दो लाख रुपये की नकदी चुरा ली थी।
आज शाम करीब 5:30 बजे सीआईडी टीम रूपनारायणपुर पहुंची, जिसमें रूपनारायणपुर ओसी अरुणाभ भट्टाचार्य, जांच अधिकारी सुशील किस्कू और अन्य अधिकारी मौजूद थे। सीआईडी टीम ने कैप्टन शर्मा के दो पड़ोसियों की गवाही भी ली।
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी टीम ने यहां से एकत्र किए गए फिंगरप्रिंट के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने का फैसला किया है। रिपोर्ट आने के बाद, स्थानीय पुलिस एक सप्ताह के अंदर संभावित आरोपियों के साथ इन निशानों का मिलान करेगी। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र किए हैं, जिसमें दो संदिग्धों की तस्वीरें कैद हुई हैं। पुलिस ने बताया कि चोरी में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। कैप्टन सतीश चंद्र शर्मा के बड़े बेटे राहुल कुमार, जो वर्तमान में कश्मीर के पहलगाम में तैनात हैं, भी इस घटना से चिंतित हैं। रूपनारायणपुर में सीआईडी टीम की इस पहल से अपराधियों की पहचान में तेजी आने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही इस मामले को सुलझा लेंगे।
