द फॉलोअप डेस्क
विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर जिले में स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने और शौचालय उपयोग के महत्व को आमजन तक पहुँचाने के लिए स्वच्छता जागरूकता रथ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया, परियोजना निदेशक आईटीडीए अरुण कुमार एक्का, जिला योजना पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह, जिला शिक्षा अधीक्षक नयन कुमार, जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा और कार्यपालक दंडाधिकारी कांति रश्मि ने संयुक्त रूप से समाहरणालय परिसर से रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रथ के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता और शौचालय उपयोग के महत्व पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लाभुकों को स्वयं शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित कर ₹12,000 की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराई जाएगी। जिन परिवारों के पास शौचालय नहीं है, उन्हें सूचीबद्ध कर निर्माण हेतु मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।
जनसंपर्क अभियान के तहत गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद किया जाएगा, उन्हें स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा और बिना शौचालय वाले परिवारों को निर्माण के लिए सलाह एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर स्वच्छता को जनभागीदारी का रूप देना है।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा, “स्वच्छता एक आदत नहीं, बल्कि जीवनशैली है। स्वच्छता जागरूकता रथ का उद्देश्य गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करना और हर परिवार को शौचालय निर्माण की दिशा में प्रेरित करना है। हमारा लक्ष्य है कि पाकुड़ जिला स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी बने।” उन्होंने आमजन से अपील की कि वे स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएँ और अपने घर एवं आसपास को स्वच्छ रखने की पहल को निरंतर आगे बढ़ाएँ। स्वच्छता जागरूकता रथ के माध्यम से जिले में खुले में शौच मुक्त (ODF) माहौल को बढ़ावा मिलेगा और समुदाय में स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान का स्तर ऊँचा होगा।