रांची:
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में आज सुओ मोटो म्यूटेशन प्रणाली (Suo-Moto Online Mutation) प्रक्रिया का राज्यव्यापी शुभारंभ किया। जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। मौके पर मुख्यमंत्री के समक्ष Suo-Moto Mutation प्रक्रिया के तहत लाभान्वित 3 लाभुक दामिनी दीक्षित तिवारी (हिनू), शैलेश कुमार (बेड़ो) एवं पूर्णिमा कुमारी (नगड़ी) ने इस प्रक्रिया के फायदे से संबंधित अनुभव साझा किए।

इस प्रक्रिया का शुभारंभ एक महत्वपूर्ण पहल
सीएम ने कहा कि आज हुए सुओ-मोटो ऑनलाइन म्युटेशन (दाखिल-खारिज) प्रक्रिया का शुभारंभ एक महत्वपूर्ण पहल है। जमीन खरीद-बिक्री हेतु निबंधन, दाखिल-खारिज, रसीद कटने से लेकर रजिस्टर पंजी-2 तक की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कई बार ये प्रक्रियाएं आम जनता के लिए काफी जटिल हो जाती हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि हम आम जनता को सरल और सुलभ व्यवस्था उपलब्ध कराएं।
यह प्रक्रिया पहली बार झारखंड में लागू
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में Suo-Moto Online Mutation प्रक्रिया का शुभारंभ होने से आम व्यक्ति भी अब बिना कोई परेशानी उठाए निबंधन के बाद अपने उक्त भूमि का दाखिल-खारिज करा सकेगा। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े जिला एवं प्रखंडस्तरीय अधिकारियों से कहा कि Suo-Moto Mutation प्रक्रिया पहली बार झारखंड में लागू की जा रही है। प्रारंभ में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। आप सभी अधिकारी शुरुआती 15 से 20 दिनों तक इस प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए रखें। कहीं कुछ तकनीकी दिक्कतें होने पर विभाग के साथ समन्वय स्थापित करें। ताकि समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जा सके।

ग्रामीण लोगों को बिचौलियों से मिल सकेगी मुक्ति
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी Suo-Moto Online Mutation (दाखिल-खारिज) प्रक्रिया का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराएं। इस पारदर्शी प्रक्रिया की शुरुआत होने से ग्रामीण लोगों को बिचौलियों से भी मुक्ति मिल सकेगी। वैसे बिचौलिए जो ग्रामीणों के बीच सक्रिय रहते हैं उनसे लोगों को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही एक कार्य योजना तैयार कर रही है जिसमें ओल्ड एज के लोगों को कचहरी का चक्कर न काटना पड़े और उनका सभी कार्य आसानी से संपन्न हो सके।
Suo-Moto Mutation की पृष्ठभूमि
भूमि का दाखिल-खारिज, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के तहत प्रदान की जाने वाली एक नागरिक केंद्रित सेवा है। वर्तमान में झारभूमि पोर्टल के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। इस क्रम में विभाग को यह शिकायत प्राप्त हो रही थी कि भूमि के निबंधन के पश्चात दाखिल-खारिज हेतु मेटा-डेटा में त्रुटि होने एवं दस्तावेजों के अपलोड नहीं होने के कारण अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज वाद को निरस्त कर दिया जा रहा है। फलस्वरूप रैयतों को पुनः अलग से दाखिल-खारिज के लिए झारभूमि पोर्टल पर आवेदन करना पड़ता है, इससे रैयतों को अनावश्यक काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को सुलभ, सरल एवं पारदर्शी बनाने हेतु Suo-Moto-Mutation की पहल की जा रही है।

Suo-Moto Mutation का उद्देश्य
इसका उद्देश्य है भूमि के निबंधन के बाद आम जनता को पारदर्शी तरीके से सुलभतापूर्वक दाखिल-खारिज की सेवा प्राप्त हो सके।
Suo-Moto Mutation का परिचय
दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को सुलभ, सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए State NIC, Ranchi एवं NGDRS, Pune टीम द्वारा NGDRS पोर्टल एवं झारभूमि पोर्टल में आवश्यक तकनीकि परिवर्तन किये गये हैं, जिससे कि अब निबंधित विलेख (डीड) रियल टाईम बेसिस पर झारभूमि पोर्टल में संबंधित अंचलाधिकारी के लॉगईन में प्रेषित हो जायेगा एवं तत्क्षण ही आवेदक को एस.एम.एस. (SMS) के माध्यम से दाखिल-खारिज वाद संख्या की सूचना प्राप्त हो जायेगी तथा आवेदक दाखिल-खारिज के निष्पादन की अद्यतन स्थिति को ट्रैक कर पायेंगे।
Suo-Moto Mutation के फायदे
भूमि के निबंधन के बाद दाखिल-खारिज के लिए अलग से आवेदन देने की जरूरत नहीं पड़ेगी एवं अंचल कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
भूमि के निबंधन के बाद स्वतः रियल टाईम आधार पर दाखिल-खारिज के लिए संबंधित अंचल अधिकारी को म्यूटेशन केस नं० के साथ सभी दस्तावेज प्रेषित हो जायेंगे। आवेदक को SMS के माध्यम से दाखिल-खारिज वाद संख्या प्राप्त होगी जिससे आवेदन के अनुपालन की अद्यतन स्थिति को झारभूमि पोर्टल पर ट्रैक किया जा सकेगा।