रांची:
HEC के कर्मचारी पिछले 24 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के बीच आज कई महीनों के बाद एचईसी CMD नलिन सिंघल (Nalin Singhal) एचईसी मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने आंदोलन कर रहे कर्मचारियों से मिलने का आश्वासन दिया है। लेकिन अब तक मुलाकात नहीं कराया गया। एक कर्मचारी ने कहा कि एचइसी बंदी के मुहाने पर खड़ा है। केंद्र सरकार पहले एचइसी को बंद करेगी। इसके बाद निजी हाथों में देगी। इसी प्रक्रिया पर केंद्र सरकार कार्य कर रही है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सौंपगे ज्ञापन
एचईसी के लगभग 300 कर्मचारियों का प्रदर्शन लगातार जारी है।कर्मचारी बकाया वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया कि उनका पिछले 13 माह का वेतन बकाया है। वेतन नहीं मिलने के कारण उनका घर चलाना मुश्किल हो गया हैं। इसी के साथ एचईसी को बचाने के लिए पांच श्रमिक संगठनों ने भी हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपने का निर्णय लिया है। इसमें हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन, हटिया कामगार यूनियन, हटिया मजदूर यूनियन, हटिया लोकमंच और एचईसी लिमिटेड श्रमिक कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि उपस्थित होगें। संयुक्त रुप से निर्णय लिया गया कि एचईसी को बचाने के लिए पांचों श्रमिक संगठन हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस महीने के में प्लांट के श्रमिक, अधिकारी और पदाधिकारी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। एक प्रतिनिधि मंडल दिसंबर के मध्य में दिल्ली जाकर उद्योग मंत्री से मिलकर ज्ञापन सौपेंगा।