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जमशेदपुर : सलीम-सुलेमान के गानों पर जमकर झूमे लोग, ऑनसेंबल-वालहल्ल फेस्ट का समापन

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जमशेदपुर:
ए खुदा तू बता..., आशाएं हैं, इश्क वाला लव जैसे गानों की धून से संगीतकार सलीम-सुलेमान (Salim-Sulaiman) की जोड़ी ने गजब का समा बांधा। जमशेदपुर में XLRI की ओर से आयोजित एनुअल कल्चरल, स्पोर्ट्स एवं मैनेजमेंट फेस्ट ऑनसेंबल-वालहल्ल (Fest Ensemble-Valhall) का समापन रविवार को हुआ। जिसमें सलीम-सुलेमान की जोड़ी ने जमकर धमाल मचाया। उनके गानों ने लोगों की खूब तालियां बटोरी। उनके गानों पर जमकर झुमते नजर आए।

सलीम-सुलेमान के गानों से युवाओं में दौड़ी बिजली
 दर्शकों से खचाखच भरे हॉल में उन्होंने जब ए खुदा मुझको बता, तू रहता कहां है कहां तेरा पता जब गाया, तो युवाओं के बीच मानो बिजली सी दौड़ गयी। उन्होंने आशिकों की नब्ज को थामते हुए इन्होंने होले-होले से दुआ लगती है गीत पेश किया। पर जब इन्होंने 'मैं तो ऐवईं-ऐवईं लुट गया' सुनाया तो कार्यक्रम में मौजूद हजारों की संख्या में भावी मैनेजरों ने खूब ठुमके लगाए। देर रात तक सभी झूमते रहे। इससे पहले सलीम-सुलेमान ने कहा कि जिंदगी में किताबी ज्ञान भी जरूरी है। आज के दौर में हर व्यक्ति को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देनी चाहिए।

ऑनसेंबल- वलहल्ला का 23वां संस्करण
जमशेदपुर में ऑनसेंबल- वलहल्ला का 23वां संस्करण 11 से 13 नवंबर तक  आयोजित किया गया। जिसमें देश भर के 45 से ज्यादा बिजनेस स्कूलों की टीम हिस्सा लिया। इस वर्ष थीम के साथ पूर्वी भारत के सबसे बड़े त्योहार सिम्फनी इन कैओस का उद्घाटन 10 नवंबर को टाटा स्टील के वीपी चाणक्य चौधरी द्वारा किया गया था। इस दौरान उन्होंने टाटा आडिटोरियम में बी स्कूल के छात्रों-शिक्षकों को संबोधित भी किया। इस दौरान द नेक्स्ट जेन लीडर, स्ट्राइक या यील्ड, वार ऑफ विट और कई अन्य जैसे 30 से ज्यादा प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल व मैनेजमेंट से जुड़े कई इवेंट हुए। फेस्ट में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड के लिए बनाए गए इवेंट में हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया।