रांची
महागठबंधन सरकार पर भाजपा के आरोपों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने कड़ा पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा है कि झारखंड में भ्रष्टाचार की बुनियाद राज्य निर्माण के साथ ही बाबूलाल मरांडी के शासनकाल में पड़ी थी, जिसे बाद में अर्जुन मुंडा और रघुवर दास की सरकारों ने खाद-पानी देकर एक विशाल रूप दे दिया। वर्तमान सरकार उसी भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने में जुटी हुई है।
सोनाल शांति ने कहा कि एक तरफ केंद्र की भाजपा सरकार झारखंड को उसके हिस्से का आवंटन नहीं दे रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता भ्रष्टाचार का अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। जनहित में किए जा रहे हर विकास कार्य में उन्हें केवल भ्रष्टाचार ही नजर आता है। केंद्र के असहयोग के बावजूद झारखंड में हो रहे विकास कार्य भाजपा नेताओं को रास नहीं आ रहे हैं, जिससे उनकी बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्रों का वितरण, विकास योजनाओं का शिलान्यास और तेजी से उनका क्रियान्वयन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में हो रहे सुधार तथा जनता की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से भाजपा नेताओं को अपना राजनीतिक भविष्य अंधकार में नजर आने लगा है।.

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि अनर्गल बयानबाजी और नकारात्मक राजनीति छोड़कर अगर वे सरकार के विकास कार्यों में सकारात्मक सहयोग का रवैया अपनाते हैं, तो जनता के बीच उनकी गिरी हुई छवि में कुछ सुधार हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवरेज, ड्रेनेज, हरमू नदी की सफाई जैसे कई मामलों में भाजपा के मंत्रियों और उनके करीबी लोगों के हाथ भ्रष्टाचार से सने हुए हैं।
सोनाल शांति ने राजधानी रांची का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय राज्य सरकार के मुखिया, नगर विकास मंत्री, मेयर और डिप्टी मेयर सभी भाजपा के थे। उस दौर में सरकारी संरक्षण में अवैध निर्माणों को मंजूरी दी गई और आम लोगों के साथ धोखा हुआ, जिसके दुष्परिणाम आज जनता भुगत रही है।
उन्होंने कहा कि प्रथम जेपीएससी घोटाले को झारखंड का युवा आज भी नहीं भूला है। भाजपा शासनकाल में जेपीएससी भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुका था, जबकि वर्तमान सरकार ने उसी व्यवस्था को सुधारते हुए विवाद रहित परीक्षाएं आयोजित कर पारदर्शी नियुक्तियां दी हैं।
