द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में एसीबी यानी एंटी करप्शन ब्यूरो से जुड़े मामले लगातार सुर्ख़ियों में रहते है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए एसीबी ऑफिस में दस्तावेजों और कंप्यूटर हार्डडिस्क गायब होने की खबर पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इस मामले को बीते दिनों झारखंड पुलिस मुख्यालय के डेटा सेंटर में लगी आग की घटना से भी जोड़ा, जिसमें कई संवेदनशील दस्तावेज जलकर राख हो गए थे। उन्होंने आशंका जताई कि वह घटना भी एक गहरी साजिश का हिस्सा हो सकती है।
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, समाचारों से पता चल रहा है कि एंटी करप्शन ब्यूरो के महत्वपूर्ण कमरों में आज दो-दो ताले लगाने पड़े हैं। इससे पहले कल रात वहां से कई महत्वपूर्ण फाइलें और कंप्यूटर की हार्डडिस्क निकाल कर ले जाने की बात बताई जा रही है। यह बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला है, जो एसीबी से जुड़े कई भ्रष्टाचार के मामलों के सबूतों को नष्ट करने की साजिश हो सकती है।"
उन्होंने आगे कहा, "मुख्यमंत्री स्वयं इस विभाग के मंत्री हैं। ऐसे में अगर वे अब भी चुप रहते हैं, तो इसका मतलब यही होगा कि कहीं न कहीं वे भी इन घटनाओं से अनभिज्ञ नहीं हैं। इससे पहले कि षड्यंत्रकारी तत्व उन्हें भी अपने जाल में फंसा लें, उन्हें इस पूरे मामले में तुरंत FIR दर्ज कर जांच शुरू करानी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा दिलानी चाहिए।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि देर से ही सही, मुख्यमंत्री को यह समझ में आ गया कि उनके नाक के नीचे किस तरह से "एक्सटॉर्शन और लूट का गंदा खेल" चल रहा था।
बाबूलाल मरांडी ने पुरानी घटनाओं की भी याद दिलाई और कहा कि यही लोग पहले मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायतें भेजा करते थे और अब एक बार फिर उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को उनके पुराने सोशल मीडिया संदेशों को मंगवाकर पढ़ना चाहिए, ताकि आंखें खुल सकें।"इससे पहले कि यह षड्यंत्रकारी अपने मंसूबों में सफल हो जाएं, मुख्यमंत्री को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और इन लोगों को बेनक़ाब कर सख्त दंड दिलाना चाहिए। आगे आपकी मर्जी।"
