जामताड़ा
जामताड़ा जिला क्रिकेट एसोसिएशन (जेडीसीए) पर गंभीर अनियमितता, भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। इन आरोपों को लेकर स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों ने धरना प्रदर्शन किया और एसोसिएशन के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया।
प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों का कहना है कि जेडीसीए का गठन स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन वर्तमान में स्थिति इसके ठीक उलट है। खिलाड़ियों का आरोप है कि एसोसिएशन द्वारा बंगाल, बिहार समेत अन्य राज्यों के खिलाड़ियों को अवैध रूप से टीम में शामिल किया जा रहा है, जबकि जामताड़ा के स्थानीय खिलाड़ियों को खेलने का अवसर नहीं दिया जा रहा।
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स्थानीय खिलाड़ी आशुतोष दुबे ने आरोप लगाया कि जब खिलाड़ी इन गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें बैन करने और करियर खत्म करने की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की प्रमुख मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, वर्तमान कमेटी को भंग किया जाए और नई कमेटी का गठन किया जाए। मांगें नहीं माने जाने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।
वहीं, एक अन्य खिलाड़ी निवास मंडल ने एसोसिएशन पर खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार और मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि इसी वजह से कई स्थानीय खिलाड़ी जामताड़ा छोड़कर दूसरे जिलों में खेलने को मजबूर हैं। यहां तक कि स्थानीय बालिका खिलाड़ी भी अन्य जिलों का रुख कर रही हैं।
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धरना प्रदर्शन और बढ़ते हंगामे को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा और निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और जामताड़ा जिला क्रिकेट एसोसिएशन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं।
