द फॉलोअप डेस्क
दी चुनौती, रांची पुलिस को हिम्मत है तो मेनरोड को अतिक्रमण मुक्त कर दिखाए
पेयजल स्वच्छता, गृह व अन्य विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान भाजपा के वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह ने शुक्रवार को पुलिस प्रशासन पर जम कर गर्जना की। उन्होंने शासक के दायित्व को मनु, कौटिल्य, चाणक्य, विदुर और भगवान महावीर की उक्तियों से रेखांकित किया। फिर कहा कि अलग राज्य इसलिए बना था कि यहां के लोग शांति का सांस ले सकें। झारखंड बनने के बाद पुलिस की वर्दी वही है, लेकिन उसकी भूमिका बदल गयी है। आज पुलिस अपराधियों के अधीन कठपुतली की तरह नाचती है, जिसकी डोर माफियाओं के हाथ है। पुलिस आज बालू माफियाओं के लिए रास्ते खोलती है, ड्रग माफियाओं के लिए कालीन बिछा रही है और नक्सलियों से कांपती है। आदिवासियों की जमीन छिन रही है। पुलिस शब्द की व्याख्या करते हुए सीपी सिंह ने कहा कि पु से पुरुषार्थ, लि से लिप्सा रहित और स से सहयोगी। फिर उन्होंने रांची एसएसपी पर भी चुटकी है। कहा कि डीआईजी एसपी साहब बहुत अच्छे आदमी हैं। शांति समिति की बैठक में उन्होंने कहा कि होली में हुड़दंग करनेवाले को दस फीट अंदर गाड़ देंगे। लेकिन जब हिंदपीढ़ी में बच्ची के साथ बलात्कार होता है तो पांच फीट अंदर भी नहीं गाड़ पाते। सच यह है कि पुलिस आज शिखंडी की भूमिका में है।
लालू प्रसाद पर की टिप्पणी
सीपी सिंह ने कहा कि यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। अपराधियों-माफियाओं का बोलवाला था। आज पुलिस वही है, लेकिन योगी सरकार में वहां की स्थिति सामने है। सीपी सिंह ने कहा कि जेल की यात्रा से निकलने के बाद मुख्यमंत्री पारसनाथ में पूजा करने गए। उनके साथ कुछ और लोग भी गए। उन लोगों पर एफआईआर दर्ज कर दिया गया। फिर यह किशोर कुणाल की चर्चा शुरू कर दी। कहा कि कुणाल अब नहीं रहे लेकिन उनके भय से लालू जी कांपते थे। वह कभी अपनी वर्दी पर आंच नहीं आने दी। इस पर सुदिव्य कुमार सोनू ने सदन में उपस्थित नहीं रहनेवाले व्यक्ति का नाम न लेने का सुझाव दिया। सीपी सिंह ने अपने कहे को वापस लेते हुए कहना शुरू किया-नाम नहीं लूंगा। लेकिन आज ईडी चार-चार घंटे पूछताछ कर रहा है। दोनो बेटा-बेटी से भी पूछताछ हो रही है। क्या पूरे खानदान से पूछताछ होगी।
रांची में अतिक्रमण हटाने के नाम पर क्षेत्र विशेष में होती है कार्रवाई
सीपी सिंह ने आरोप लगाया कि रांची में अतिक्रमण हटाने के नाम पर क्षेत्र विशेष में पुलिस कार्रवाई करती है। पुलिस किसी विशेष क्षेत्र में अपनी पुरुषार्थ दिखाती है। कानून एक जैसा होता है। समान रूप से उसे लागू करना चाहिए। बीच सड़क पर ईद की दुकानें सज रही है। पुलिस ने मेन रोड में आवागमन बंद कर दिया है। पुलिस का यह पुरुषार्थ छठ के समय कहां चला जाता है। क्या हम छठ के समय रातू रोड, मेन रोड और हरमू रोड को बंद कर छठ का बाजार लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का पुरुषार्थ कहां चला जाता है जब कर्बला चौक पर सिटी एसपी की गाड़ी फूंक दी जाती है। मेनरोड में दारोगा की पिटाई हो जाती है।