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ECL राजमहल परियोजना में अपराधियों का तांडव, माइनिंग साइट पर फायरिंग कर डोजर फूंकने का प्रयास

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द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के गोड्डा जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे औद्योगिक क्षेत्रों को खुलेआम निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला ललमटिया थाना क्षेत्र का है, जहां ECL की राजमहल परियोजना में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनी 'अंबे माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड' (AMPL) की साइट पर शनिवार को हथियारबंद अपराधियों ने जमकर उत्पात मचाया। अपराधियों ने न केवल अंधाधुंध फायरिंग की, बल्कि करोड़ों की मशीनरी को आग के हवाले करने की भी कोशिश की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर जब लालघुटवा लोहंडिया के पास डंपिंग एरिया में माइनिंग का काम चल रहा था, तभी दो नकाबपोश हथियारबंद अपराधी वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उस समय ब्लास्टिंग की तैयारी चल रही थी और मशीनें खड़ी थीं। अपराधियों ने वहां पहुंचते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और काम कर रहे डोजर ऑपरेटरों व अन्य कर्मियों को जान से मारने की धमकी देकर वहां से खदेड़ दिया। दहशत फैलाने के इरादे से एक अपराधी ने अपनी कमर से पिस्टल निकाली और दो राउंड फायरिंग कर दी। एक गोली सीधे डोजर के केबिन के शीशे में जा लगी। गनीमत रही कि गोलीबारी के वक्त ऑपरेटर मशीन से नीचे उतर चुका था, वरना किसी की जान जा सकती थी। गोलीबारी की आवाज सुनते ही साइट पर अफरातफरी मच गई और कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए भागकर पास के गार्ड रूम में छिप गए।
फायरिंग के बाद अपराधियों ने दुस्साहस दिखाते हुए अपने पास रखी बोतल से डोजर पर पेट्रोल छिड़का और माचिस जलाकर आग लगा दी। हालांकि, आग की लपटें ज्यादा तेज नहीं हो पाईं और समय रहते कर्मियों ने उसे बुझा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। महागामा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) चंद्रशेखर आज़ाद, ललमटिया थाना प्रभारी रौशन कुमार सिंह और बोआरीजोर थाना प्रभारी आशीष यादव भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। छानबीन के दौरान पुलिस ने मौके से पेट्रोल की बोतल, माचिस और डोजर के केबिन के भीतर फंसी गोली बरामद की है।
SDPO चंद्रशेखर आजाद ने बताया, "यह घटना सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली है। कुछ असामाजिक तत्वों ने डंप एरिया में फायरिंग की और आगजनी का प्रयास किया है। हमने घटनास्थल से साक्ष्य जुटा लिए हैं और अपराधियों की पहचान के लिए छापेमारी की जा रही है। किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।" ECL के इस क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इसी साल मई के महीने में भी तालझारी साइट पर अपराधियों ने दर्जनों राउंड फायरिंग की थी। बार-बार हो रही इन घटनाओं से माइनिंग कंपनियों और उनके कर्मचारियों में भारी रोष और डर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह हमला वर्चस्व कायम करने या रंगदारी (लेवी) की मांग को लेकर डराने की एक सोची-समझी साजिश हो सकती है।

 

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