द फॉलोअप डेस्क
उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जिले की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार को लेकर कड़ी सख्ती बरती है। उनकी दैनिक समीक्षा और दिशा-निर्देशों के बाद अब शिक्षा विभाग पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। जिले के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालयों में सभी शिक्षक और कर्मचारी के लिए प्रतिदिन बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा, किसी भी तरह के अवकाश के लिए ऑनलाइन आवेदन करना भी जरूरी कर दिया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
उपायुक्त ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए दिसंबर से पहले प्रीबोर्ड टेस्ट आयोजित करने की योजना बनाई है। वे खासतौर से सिलेबस की समय पर पूर्णता, यूडायस पोर्टल पर शैक्षणिक आंकड़ों की समय पर प्रविष्टि, और ईविद्यावाहिनी पोर्टल में छात्र और शिक्षक उपस्थिति की निगरानी को लेकर काफी गंभीर हैं। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग की शैक्षणिक कोर टीम और सभी बीपीओ, बीआरपी, सीआरपी को उच्च एवं प्लस टू स्कूलों के विशेष अनुश्रवण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्कूलों मेंअनुश्रवण की कम संख्या और छात्र उपस्थिति में गिरावट पर गहरी असंतोष व्यक्त की और तत्काल प्रदर्शन सुधारने के लिए चेतावनी दी।
पूर्व में सिलेबस में कमी और बायोमैट्रिक उपस्थिति में खामी के कारण उच्च एवं प्लस टू विद्यालयों के शिक्षकों को प्रदर्शन में सुधार की चेतावनी दी जा चुकी है। अब बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशिष्ट रणनीति तैयार की जा रही है और सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उपायुक्त के कड़े रुख के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और जिला शिक्षा सचिव (डीएसई) ने क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारियों, बीआरपी, सीआरपी और अन्य संबंधित कर्मचारियों के वेतन और मानदेय पर रोक लगा दी है। इन कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि वे अपने क्षेत्र में शिक्षक उपस्थिति और आंकड़ों की दैनिक समीक्षा क्यों नहीं कर रहे हैं, जिससे चार प्रखंडों गुमला, सिसई, बसिया और पालकोट का प्रदर्शन खराब हो रहा है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलको ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यूडायस पोर्टल में शैक्षणिक आंकड़ों के संकलन और ईविद्यावाहिनी पोर्टल पर छात्र और शिक्षक की उपस्थिति दर्ज किए बिना कोई वेतन या मानदेय जारी नहीं किया जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने सभी प्रखंड के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी है कि वे उपायुक्त के आदेशों का पालन करते हुए अपनी कार्य प्रणाली में सुधार लाएं और समय पर सभी कार्यों का निष्पादन करें। उन्होंने सभी शिक्षकों से भी कहा कि शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए वे बायोमैट्रिक उपस्थिति और आंकड़ों की समय पर ऑनलाइन इंट्री सुनिश्चित करें, अन्यथा उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
