द फॉलोअप डेस्क
पलामू उपायुक्त समीरा एस की अध्यक्षता में मंगलवार को एनएच 75 फोरलेन पथ निर्माण, आर.ओ.आर, आर.ओ.बी और सरकार की अन्य सड़क निर्माण परियोजनाओं की प्रगति पर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह वर्चुअल बैठक एनआईसी स्थित सभागार से की गई, जिसमें उपायुक्त ने एनएचएआई की विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान की स्थिति की समीक्षा की।
उपायुक्त ने पिछले तीन महीनों में अपेक्षित प्रगति न होने और कार्य में शिथिलता बरतने पर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को चेतावनी दी और कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। इसी क्रम में उपायुक्त ने भू-अर्जन कार्यालय के लिपिकों का अक्टूबर माह का वेतन स्थगित रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिन-जिन अंचलों में सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, उन प्रखंडों में अवार्डी की संख्या, निर्गत एलपीसी समेत अन्य बिंदुओं पर भी समीक्षा की। भोगु से शंखा तक सेक्शन 111 के भू-अर्जन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सदर अंचल अंतर्गत 60 से अधिक, नवाबजोर में 100 से अधिक और विश्रामपुर में 20 से अधिक एलपीसी पेंडिंग हैं।
इसके अलावा, विभिन्न अंचलों के कई अवॉर्डीयों के बीच 60 करोड़ से अधिक मुआवजा दिया जाना है। उपायुक्त ने संबंधित सीओ और भू-अर्जन पदाधिकारी को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने एलए कोर्ट योग्य मामलों को नियमानुसार कार्रवाई करने की भी बात कही। बैठक में उन्होंने सभी से कहा कि इस परियोजना की उच्च अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जाती है, ऐसे में सभी सीओ को अपना शत-प्रतिशत देने की आवश्यकता है, ताकि सभी अवॉर्डी को समय पर मुआवजा का भुगतान किया जा सके।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि किसी भी अंचलाधिकारी स्तर से कार्य प्रभावित होने पर निर्माण कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी सीओ को रैयतों से वार्ता कर सभी तरह के कार्यों को समय पर निष्पादित करने का निर्देश दिया। इस बैठक में अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी विजय केरकेट्टा, हुसैनाबाद भूमि सुधार उप समाहर्ता समेत संबंधित सीओ मौजूद रहे।
