द फॉलोअप डेस्क, रांची;
JPSC-JSSC Protest Students Issue Ultimatum to Government : रांची प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों ने JPSC और JSSC से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार को अल्टीमेटम दिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने JPSC JSSC में सुधार, लंबित भर्तियों, परीक्षा कैलेंडर और आयोग में अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि पूर्व में छात्र आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से JPSC में सुधार के लिए अमिताभ कौशल के नेतृत्व में रिफॉर्म कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया गया था। छात्रों का कहना है कि अब तक कमेटी का गठन नहीं होने से भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
JPSC अध्यक्ष और परीक्षा कैलेंडर की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में JPSC में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि आयोग में पर्याप्त पदाधिकारी नहीं होने की स्थिति में आगामी भर्ती और परीक्षा प्रक्रियाओं के संचालन को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने सरकार से जल्द नियुक्तियां करने की मांग की।
छात्रों ने आगामी परीक्षाओं के लिए स्पष्ट और वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि अभ्यर्थियों को पहले से यह जानकारी मिलनी चाहिए कि कौन-सी परीक्षा कब आयोजित होगी, परिणाम कब जारी होगा और भर्ती प्रक्रिया किस समयसीमा में पूरी की जाएगी। छात्रों ने UPSC की परीक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के लिए पहले से समयसीमा तय करने की मांग की, ताकि अभ्यर्थी बेहतर तरीके से अपनी तैयारी कर सकें।
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परीक्षा पैटर्न में बदलाव की मांग
छात्रों ने प्रारंभिक परीक्षा में E विकल्प, नेगेटिव मार्किंग, कैटेगरी-वाइज मार्कशीट और कटऑफ जारी करने की मांग रखी। साथ ही प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को पर्याप्त समय देने की मांग की गई। मुख्य परीक्षा को लेकर छात्रों ने शॉर्ट क्वेश्चन को शामिल करने, ऑब्जेक्टिव प्रश्नों को हटाने और झारखंड से जुड़े विषयों को उचित महत्व देने की मांग की। क्षेत्रीय भाषाओं के मूल्यांकन और परीक्षा प्रक्रिया में झारखंड के अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखने की बात भी कही गई।
पढ़ाई छोड़कर बार-बार आंदोलन नहीं करना चाहते छात्र
छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि वे बार-बार पढ़ाई छोड़कर आंदोलन करने के बजाय अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान देना चाहते हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार भर्ती, परीक्षा कैलेंडर और JPSC रिफॉर्म को लेकर स्पष्ट समयसीमा जारी करती है, तो अभ्यर्थी उसी के अनुसार अपनी तैयारी कर सकेंगे।छात्रों ने सरकार से 7 अक्टूबर तक मांगों पर ठोस पहल करने की अपील की है। उनके अनुसार, यदि इस दिशा में जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो 7 अक्टूबर के बाद छात्रों का महाजुटान किया जाएगा।
