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हजारीबाग : SBMCH पुलिस पिकेट की कार्यप्रणाली सुधारने की उठी मांग, पोस्टमार्टम प्रक्रिया में देरी पर चिंता

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द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग जिले के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसबीएमसीएच) में स्थित पुलिस पिकेट की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने की मांग उठी है। अस्पताल में दुर्घटना या अन्य घटनाओं में मृत व्यक्तियों के शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अक्सर अनावश्यक रूप से बाधित हो रही है, जिससे शोकाकुल परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर उनके मीडिया प्रभारी रंजन चौधरी ने इस संबंध में सोमवार को समाहरणालय स्थित एसपी ऑफिस सभागार में जिले के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन को पत्र सौंपा। पत्र में बताया गया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में विभिन्न क्षेत्रों से लाए गए शवों का पोस्टमार्टम इसलिए लंबित हो जाता है, क्योंकि पिकेट में तैनात पुलिसकर्मी ‘इंक्वेस्ट’ (पंचनामा) बनाने से सीधे तौर पर इनकार कर देते हैं। पिकेट कर्मियों का तर्क है कि यदि घटना किसी अन्य थाना क्षेत्र की है, तो संबंधित थाने की पुलिस ही अस्पताल आकर पंचनामा तैयार करेगी।
इस 'क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार' के तर्क के कारण दूर-दराज के थाना क्षेत्रों से आए शवों के परिजनों को कई बार पूरी रात संबंधित थाने के अधिकारी के अस्पताल पहुँचने का इंतजार करना पड़ता है। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने पत्र में कहा कि अस्पताल परिसर में पुलिस पिकेट स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य ही यह सुनिश्चित करना है कि पोस्टमार्टम जैसी पुलिस कार्यवाही शीघ्र और सुगमता से पूरी हो सके। यदि पिकेट की मौजूदगी के बावजूद परिजनों को संबंधित थानों के अधिकारियों का इंतजार करना पड़े, तो परिसर में स्थापित इस सुविधा का मूल औचित्य ही समाप्त हो जाता है। रंजन चौधरी ने एसपी अंजनी अंजन से अनुरोध किया कि यह मुद्दा जनहित और मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ा हुआ है। उन्होंने पिकेट को दुरुस्त करने और जिले के किसी भी क्षेत्र से लाए गए दुर्घटनाग्रस्त शवों के पोस्टमार्टम हेतु इंक्वेस्ट बिना किसी विलंब के स्वयं बनाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल परिसर में बढ़ती वाहन चोरी, स्नैचिंग और पैकेटमारी की घटनाओं तथा अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था के मुद्दे पर भी जानकारी दी और पुलिस पिकेट को दुरुस्त करने का आग्रह किया। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने उठाए गए मामले को गंभीरता से लिया और इसे मानवीय संवेदना से जुड़ा बताया। उन्होंने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। रंजन चौधरी ने उनके आश्वासन पर विश्वास जताया कि मेडिकल कॉलेज में आने वाले जरूरतमंदों को पिकेट के दुरुस्त होने से बड़ी राहत मिलेगी।

 

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