जामताड़ा:
जामताड़ा समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त (डीसी) कीई अध्यक्षता में सर्व शिक्षा अभियान एवं शिक्षा विभाग के कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले की शिक्षा व्यवस्था, डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन परफॉर्मेंस और विभिन्न शैक्षणिक पैरामीटरों की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन परफॉर्मेंस रिव्यू के दौरान विभिन्न मानकों पर अपेक्षित प्रगति न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शैक्षणिक कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बच्चों की शिक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा।

शिक्षकों की गैरहाजिरी पर कार्रवाई का निर्देश
उपायुक्त ने जिले के छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत कम रहने पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त करते हुए इसमें तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां मई महीने में जिले के 49 विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति 'ई-विद्या वाहिनी' पोर्टल पर शून्य दर्ज थी।

प्रधानाध्यापकों को शोकॉज मांगने का दिया निर्देश
इसके अलावा, शिक्षकों की मनमानी और अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीसी ने बड़ी कार्रवाई की है। मई 2026 में 45 और जून 2026 में 285 शिक्षकों (कुल 330 शिक्षक) के बिना सूचना अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लेते हुए, उन्होंने इन सभी शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित रखने और स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक और बिना सूचना गायब रहने वाले शिक्षकों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि वह आने वाले दिनों में स्वयं विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे।

समग्र विकास और नियमित जांच के निर्देश
उपायुक्त ने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा, "शिक्षक बच्चों के बेहतर भविष्य को संवारने का काम करें।" उन्होंने निर्देश दिया कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की रुचि के अनुसार खेल, संगीत जैसीई गैर-शैक्षणिक व पाठ्येतर गतिविधियों (एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज) को भी बढ़ावा दिया जाए। सभी प्रखंड स्तरीय अधिकारियों और कर्मियों को विभागीय गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने को कहा गया।
शत-प्रतिशत छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से 'ई-विद्या वाहिनी' पोर्टल पर दर्ज करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही, सीएम उत्कृष्ट विद्यालयों, पीएम श्री विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी और झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों को सरकारी नियमों के तहत संचालित करने की हिदायत दी गई।
अपार आईडी, आधार और अन्य प्रशासनिक कार्य
बैठक में छात्र-छात्राओं के अपार (APAAR) आईडी क्रिएशन और आधार कार्ड की भी समीक्षा की गई। छूटे हुए बच्चों के आधार और अपार आईडी जल्द बनाने के निर्देश दिए गए। प्रखंड स्तर पर जन्म प्रमाण पत्र बनने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए डीसी ने प्रखंडवार सूची मांगी है। कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (CPD) प्रशिक्षण को इसी माहई और स्प्लिट सिलेबस अपडेशन कार्य को एक सप्ताह में पूरा करने का समय दिया गया है।
विभिन्न सिविल निर्माण कार्यों को भी गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को अगले 15 दिनों में अपने स्तर से इसकी समीक्षा करने और प्रगति संतोषजनक न होने पर कार्रवाई करने को कहा गया है।