द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग शहर के गांधी मैदान मटवारी में रविवार को डिजनीलैंड मेले का भव्य शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि सदर विधायक प्रदीप प्रसाद और विशिष्ट अतिथि राकेश गुप्ता ने फीता काटकर मेले का विधिवत उद्घाटन किया। दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे पावन पर्वों के अवसर पर आयोजित इस मेले में पूरे भारत की संस्कृति और विविधता की झलक देखने को मिल रही है। कुछ दिनों के लिए मानो छोटा भारत गांधी मैदान में बस गया हो। गौरतलब है कि झारखंड के हजारीबाग में इस प्रकार का मेला पहली बार आयोजित किया गया है। इस मेले का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा गरीबी उन्मूलन की दिशा में ठोस पहल करना है।
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि यह मेला हजारीबाग के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं और कारीगरों को मंच प्रदान करेगा, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगा। मेले में देश के विभिन्न राज्यों, पंजाब, असम, गुजरात, झारखंड, बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश से आए कारीगरों द्वारा निर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है। इसमें सोफा, पलंग, लकड़ी का सामान, बांस की वस्तुएं, रेडीमेड कपड़े, कालीन, ज्वेलरी, अचार, पापड़, केटलरी और टैडीबेयर जैसी आकर्षक चीजें लोगों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
मेले में बच्चों और युवाओं के लिए देसी और विदेशी झूलों की विशेष व्यवस्था की गई है। ब्रेक डांस झूला, मिक्की माउस झूला, रशियन झूला, अजमेरी झूला और नौका झूला रोमांच और उत्साह का केंद्र बने हुए हैं। खाने-पीने के शौकीनों के लिए भी मेले में विशेष स्टॉल्स लगाए गए हैं, जहाँ पिज्जा, बर्गर, चाट, भेलपुरी, गोलगप्पे, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया जा सकता है।
इस मेले का सफल संचालन आशीष कुमार, मिथिलेश प्रसाद, मुकेश कुमार और शुभम की देखरेख में किया जा रहा है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य हजारीबाग की जनता को मनोरंजन, संस्कृति और व्यापार का समावेशी अनुभव प्रदान करना है, साथ ही स्थानीय कारीगरों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच देना है। उद्घाटन अवसर पर समाजसेवी मनोज कुमार सिन्हा, रिंकू वर्मा, कांग्रेस नेत्री कोमल कुमारी, सुनील गुप्ता, अजय कुमार, चंदन सिंह, भास्कर राहुल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
