द फॉलोअप डेस्क
लोहरदगा जिले के भंडरा प्रखंड अंतर्गत मसमानो पंचायत के बुड़का गांव में शुक्रवार को ग्रामीणों ने गड्ढे एवं कीचड़युक्त सड़क पर धान रोपकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का जोरदार विरोध किया। आजाद भारत और झारखंड राज्य बनने के बाद भी यह गांव अब तक विकास की राह देख रहा है।
बुड़का गांव में कुल चार टोला, बड़का टोला, टाईन टोला, गोपी टोला और अम्बा टोला हैं। इनमें बड़का टोला को छोड़कर अन्य तीनों टोला तक पहुंचने के लिए तीन रास्ते हैं, लेकिन सभी रास्तों की स्थिति इतनी खराब है कि न तो चार पहिया और दो पहिया वाहन जा सकते हैं, और न ही पैदल चल पाना आसान है।
तीनों टोला तक मसमानो नदी टोली की ओर, बुड़का बड़का टोली की ओर तथा सुरसा गांव की ओर से रास्ता है, लेकिन तीनों ही रास्ते पूरी तरह गड्ढे और कीचड़ से भर चुके हैं। लगभग 4 किमी लंबी इस सड़क से यदि किसी की तबीयत खराब हो जाती है, तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भंडरा या अन्य अस्पताल ले जाने में ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है।
खराब सड़क की वजह से एम्बुलेंस सेवा भी गांव तक नहीं पहुंच पाती है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गांव में किसी की शादी-विवाह होने पर बारात लेकर आई बस को 3 किमी पहले ही रोकना पड़ता है।
गांव में अधिकतर आदिवासी एवं महतो समुदाय के लोग निवास करते हैं। झारखंड अलग राज्य बनने के बाद कई राज्यसभा सांसद, लोकसभा सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि आए, परंतु सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। कई प्रखंड स्तरीय, जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी आए, लेकिन किसी ने भी सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
गांव के ग्रामीण सूखना उरांव, बीरू महतो, संजय महली, रामखेलावन महतो, रविंद्र महली, सुनील महली, सूरज महली, चुंदा उरांव, बीरू महली, रघु महली, सोनेश्वर उरांव, बलि उरांव, बुद्धू उरांव, मांगरा उरांव, शनिचरवा उरांव, शनि उरांव, फकीरा उरांव, बिरसा पहन, तेंबु पाहन, बासुदेव पाहन, जीतू पुजार, सुरेश पुजार आदि ने बताया कि वर्ष 2009 में सड़क पर मिट्टी-मोरम डाला गया था, उसके बाद से सड़क की हालत और भी खराब हो गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क से दो, चार, छह पहिया वाहन एवं अन्य बड़े वाहन नहीं जा सकते हैं। खासकर रात के समय अगर किसी की तबीयत खराब हो जाए तो अस्पताल ले जाना बेहद कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि अगल-बगल के गांवों में सड़क निर्माण हो रहा है, लेकिन बुड़का गांव का रास्ता आज भी उपेक्षित है। यह गांव बिशुनपुर विधानसभा क्षेत्र में तथा लोहरदगा जिले में आता है। कई बार जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन यह सिर्फ चुनावी मुद्दा बनकर रह गया।
आरईओ विभाग लोहरदगा के कनीय अभियंता जितेन्द्र पंडित ने बताया कि ग्रामीणों का विरोध और गुस्सा जायज है। उन्होंने कहा कि बुड़का गांव की सड़क निर्माण को लेकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि स्वीकृति कब तक मिलेगी।
