द फॉलोअप डेस्क
चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड के कसारी गांव के रहने वाले मोहम्मद खुर्शीद अंसारी ने झारखंड प्रशासनिक सेवा (JPSC) 2023 परीक्षा में 78वां रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा की नहीं, बल्कि संघर्ष, लगन और विश्वास की जीत है।
मोहम्मद खुर्शीद के पिता मोहम्मद हनीफ पेशे से दर्जी (टेलर) हैं, लेकिन बीते तीन वर्षों से अस्वस्थ होने के कारण घर पर ही रह रहे हैं। वर्तमान में उनका इलाज हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है, जहां मोहम्मद खुर्शीद अटेंडेंट के तौर पर उनके साथ थे। इसी दौरान उन्हें JPSC में सफलता की खबर मिली।
मां हामिदा खातून गांव में सहिया दीदी के रूप में स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी रही हैं। आठ भाई-बहनों में सबसे छोटे मोहम्मद खुर्शीद ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल से पूरी की और फिर हजारीबाग के सेंट कोलंबस कॉलेज से 12वीं और स्नातक की पढ़ाई की। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। हजारीबाग में एक छोटे से किराए के लॉज में रहकर उन्होंने कड़ी मेहनत की और आखिरकार अपनी मंजिल पा ली।
चतरा जिला, जो एक समय नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्र माना जाता था, वहां से इस प्रकार की प्रेरणादायक सफलता यह दिखाती है कि अब हालात बदल रहे हैं। मोहम्मद खुर्शीद की सफलता ने यह संदेश दिया है कि सच्ची मेहनत, परिवार का साथ और खुद पर विश्वास हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। अब मोहम्मद खुर्शीद झारखंड प्रशासनिक सेवा में अफसर बनकर राज्य की सेवा करेंगे। उनके गांव में जश्न का माहौल है और पूरे जिले में यह एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है। अंत में मोहम्मद खुर्शीद,ने कहा, "मैंने सिर्फ एक सपना देखा और उसे साकार करने के लिए कभी हालात का बहाना नहीं बनाया"
