रांची :
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर 9 अक्टूबर को जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाएगा। जुलूस में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो इसको लेकर शुक्रवार को एदार-ए-शरीया झारखंड के एक प्रतिनिधिमंडल नाजिम-ए-आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी के नेतृत्व में राज्य के डीजीपी नीरज सिंहा से मिल कर एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया है कि 9 अक्टूबर 2022 रविवार को ईद मीलादुन्नबी है। मुस्लिम समुदाय का ये बड़ा त्योहार है। इस दिन लोग अपने नबी के जन्म दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। इस अवसर पर झारखंड राज्य में भी मुस्लिम समुदाय लंगर, कुरआन खानी, मीलाद, जलसा एवं अनेक धार्मिक कार्यक्रम के एलावा अकीदत व एहतेराम के साथ "जुलूस ए मोहम्मदी" निकाते हैं और अंत में सभाएं आयोजित करते हैं। रोड, मोहल्ले, गली-कूचे, चौक चौराहों की सजावट की जाती है। ऐसे में इस पावन व मुकद्दस अवसर पर पूरे झारखंड राज्य में विधि- व्यवस्था एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया जाए। मौलाना कुतुबुद्दीन ने बताया कि डीजीपी ने मुकम्मल सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में मौलाना रियाजुद्दीन, सैयद खुर्शीद अख्तर व मो. आदिल शामिल थे।
राज्य भर में निकाला जाएगा जुलूस
राज्य भर में जुलूस धूमधाम से निकाला जाएगा। इस संबंध में एदार-ए-शरीया झारखंड के नाजिम-ए-आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा है कि आगामी 9 अक्टूबर दिन रविवार को बारहवीं शरीफ यानी ईद मीलाद-उन-नबी है जिसे पूरी दुनिया के मुसलमान अपने पैगंबर हजरत मोहम्मद (सल.) के जन्म दिवस के रूप में मनाते हैं इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक ,शैक्षणिक व सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन होता है विशेष कर अपने नबी की शान में अकीदत व एहतेराम के साथ जुलूसे मुहम्मदी निकाला जाता है। मौलाना रिजवी ने जुलूस निकालने वाले तमाम जिम्मेदारों से कहा कि इस अवसर पर जुलूस के साथ गरीबों की मदद, सदका, खैरात, राहगीरों को खाना व पानी, कुरआन खानी, मीलाद, लंगर, फातेहा, नियाज की भी व्यवस्था करें।
रांची में दो गुट में बंटे हैं संगठन
जुलूस-ए-मोहम्मदी को मेन रोड नहीं ले जाने के निर्णय को लेकर रांची के मुस्लिम संगठन दो गुट में बंट गए हैं। सुन्नी बरेलवी सेंट्रल कमेटी के तत्वाधान में जुलूस हर साल निकाला जाता है। लेकिन इस साल भारत व साउथ अफ्रीका के बीच वन-डे क्रिकेट मैच व भीड़ का फायदा उठाकर नापाक हरकत किए जाने की खुफिया विभाग की सूचना को लेकर कमेटी ने घोषणा की है कि कोई जुलूस मेन रोड नहीं आएगा। सभी अपने-अपने मोहल्ले में ही कार्यक्रम करेंगे। इसको लेकर कांटाटोली में विभिन्न मुस्लिम संगठनों ने 5 अक्टूबर को कुरैशी मोहल्ला और मौलाना आजाद कॉलोनी में बैठक कर कहा कि जुलूस पूरे उत्साह के साथ निकाली जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की है।
