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शिक्षा मंत्री रेस हुए, जमशेदपुर के 78 निजी विद्यालयों को मनमाना फीस लेने के आरोप में नोटिस

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द फॉलोअप डेस्क

निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने तरीके से लिए जा रहे शुल्क को लेकर पूर्वी सिंहभूम के जिला शिक्षा अधीक्षकक ने 78 प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी किया है। इन स्कूलों को कतिपय बिंदुओं पर तीन दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। इधर सिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने फिर दुहराया है कि वह मनमाने ढंग से फीस लेने के मामले में कड़ी कार्रवाई करेंगे। साथ ही आरोप लगाया है कि निजी विद्यालयों पर अंकुश लगाने के लिए 2017 में तत्कालीन रघुवर दास की सरकार के समय कानून बनाया गया था। लेकिन उस कानून को डबल इंजन की सरकार ने ठंढे बस्ते में डाल दिया। हालांकि शिक्षा मंत्री को कौन बताए कि 2019 से झारखंड में उनकी कही सरकार है। इंडिया गठबंधन की सरकार है।

जिला शिक्षा अधीक्षक के पत्र में स्कूल भवन का उपयोग केवल शैक्षणिक कार्यों के लिए किए जाने की बात कही गयी है। बताया गया है कि झारखंड शिक्षा न्यायाधिकार अधिनियम 2017 के अनुसार स्कूल परिसर में किताब या अन्य स्कूली सामग्रियों को बेचना अनुचित है। स्कूल परिसर या किसी खास दुकान से शिक्षा सामग्री लेने के लिए स्कूल प्रबंधन छात्र या उनके अभिभावक को प्रेरित या बाध्य नहीं कर सकता है।

जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा निजी विद्यालयों को जारी पत्र में आय व्यय का आंकड़ा भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। बेहतर आय के बाद भी स्कूल फी में बढोत्तरी पर चिंता व्यक्त की गयी है। साथ ही स्कूल प्रबंधन को तथ्यों के साथ जवाब देने का निर्देश दिया गया है। तीन साल का ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। 

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