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नौका विहार में घुसा हाथी, पर्यटकों में मची अफरा-तफरी; ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया

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द फॉलोअप डेस्क
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल स्थित नौका विहार क्षेत्र में सोमवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक एक जंगली हाथी वहां पहुंच गया। हाथी को देखते ही मौके पर मौजूद पर्यटक और दुकानदार दहशत में आ गए और अपनी जान बचाने के लिए दुकानों व सुरक्षित स्थानों में छिप गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि हाथी ने किसी भी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया और कुछ देर बाद वापस जंगल की ओर लौट गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथी के इलाके में आने की सूचना पहले ही वन विभाग को दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण यह घटना हुई।


नौका विहार एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड से रोजाना हजारों पर्यटक बोटिंग और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं पर्यटकों के बीच डर का माहौल पैदा कर सकती हैं, जिसका सीधा असर स्थानीय दुकानदारों और बोटिंग से जुड़े लोगों की आजीविका पर पड़ सकता है। यहां अधिकांश गतिविधियां डैम विस्थापितों द्वारा संचालित की जाती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, दलमा सेंचुरी और गज परियोजना क्षेत्र के कारण हाथियों का झुंड ईचागढ़ और आसपास के इलाकों की ओर पलायन कर चुका है। पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ा है। कभी वे किसानों की फसलें नष्ट कर देते हैं, तो कभी गांवों में घुसकर घरों और अनाज को नुकसान पहुंचाते हैं। कई मामलों में लोगों की जान भी जा चुकी है।


लगातार हो रहे नुकसान से परेशान कई किसानों ने खेती करना तक छोड़ दिया है। क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीम का गठन किया जाए और उन्हें जंगल तक सीमित रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आमजन और किसान सुरक्षित माहौल में अपना जीवन यापन कर सकें।