द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाओं में राज्य के गुमला और कोडरमा जिलों में हाथियों के हमले से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत कुरूमगढ़ वन क्षेत्र के रामपुर पंचायत स्थित सदान बुकमा गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना हुई। 70 वर्षीय महिपाल लोहरा महुआ चुनने के लिए मिर्ची टंगरा इलाके में गए थे।

इसी दौरान जंगल से निकले एक जंगली हाथी ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से घायल महिपाल लोहरा को चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। वन विभाग की ओर से परिजनों को तत्काल 10 हजार रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की गई।

वहीं, कोडरमा जिले में बुधवार देर रात हाथी का कहर देखने को मिला। मरियमपुर क्षेत्र के बिरहोर टोला में घुसे एक हाथी ने 55 वर्षीय मनिया बिरहोरणी को कुचलकर मार डाला। इस दौरान आरती बिरहोरणी नामक एक अन्य महिला घायल हो गईं, जिनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथी को गांव से भगाया, लेकिन इसके बाद वह बोनाकाली महिला कॉलेज की ओर बढ़ गया। वहां उसने देवघर निवासी 40 वर्षीय मजदूर बालेश्वर सोरेन को अपनी चपेट में ले लिया और पटक-पटक कर मार डाला। परिजनों के अनुसार, बालेश्वर रात में सो रहे थे, तभी हाथी अचानक घर में घुस आया और अफरा-तफरी के बीच यह हादसा हो गया।