द फॉलोअप डेस्क
सरकारी धान क्रय बाधित होने के कारण गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड के किसान शनिवार को मजबूर होकर ब्लॉक परिसर में ही धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि सरकार ने उनको राहत देने के नाम पर पैक्स (PACS) तो खोला गया, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि वहां खरीद किसानों की नहीं बल्कि खरीद-फरोख्त करने वाले व्यापारियों और बिचौलियों की हो रही है।
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धान बेचने के लिए किसान दर-दर भटक रहे हैं, जबकि पैक्स केवल दिखावे तक सीमित रह गया है। सरकार ने पैक्स खोलने के नाम पर अपनी जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर लिए हैं, जिससे किसान आज खुद को ठगा हुआ और बेबस महसूस कर रहे हैं। यह धरना किसानों की उसी पीड़ा और सरकार की नाकामी के खिलाफ आवाज़ है, जिसे अब अनसुना नहीं किया जा सकता।
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