द फॉलोअप डेस्क
गुमला में उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सघन जांच और छापेमारी अभियान चल रहा है। उपायुक्त को शहरी इलाकों के कुछ दुकानों से यह शिकायतें मिली थीं कि वहां खराब गुणवत्ता वाली और एक्सपायरी चीज़ें बेची जा रही हैं। इस पर गंभीर संज्ञान लेते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी और उनकी टीम लगातार बड़े प्रतिष्ठानों और सड़क किनारे की दुकानों की जांच कर रही है।
इस अभियान में अब तक कई दुकानों का निरीक्षण हुआ है। जहां भी खराब या एक्सपायरी सामान मिला है, वहां तुरंत बिक्री रोक दी गई है। कई दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया है और कुछ के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई भी हुई है। इस वजह से अब दुकानदार अधिक सावधानी बरत रहे हैं और ग्राहक भी सामान खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट देख रहे हैं। यह बदलाव स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसी क्रम में शुक्रवार और शनिवार को जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कई दुकानों की जांच की। सुरेंद्र होटल और मिष्ठान भंडार से पनीर का, और साबू फ्लोर मिल्स से हल्दी पाउडर का नमूना लिया गया। न्यूवा लाल रिसॉर्ट, सिंह जी का ढाबा, श्रीलक्ष्मी सुपर मार्केट, आर मार्ट और साहू नर्सिंग होम का भी निरीक्षण हुआ। बस स्टैंड की तीन दुकानों से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा, द्वारिका प्रसाद शर्मा, होटल चूल्हानी, कार्तिक मिष्ठान, सुधीर स्टोर और प्रकाश होटल की भी जांच की गई। प्रकाश होटल से रसगुल्ले का नमूना लिया गया। जांच में लिए गए सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि उपायुक्त की इस पहल का मकसद नागरिकों को जागरूक करना और दुकानदारों को यह सख्त संदेश देना है कि खराब और एक्सपायरी सामान बेचना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिलावटी और अस्वच्छ भोजन से कई बीमारियां होती हैं, और अगर लोग जागरूक नहीं होंगे तो दुकानदार लापरवाह होकर ऐसा सामान बेचते रहेंगे। प्रशासन चाहता है कि हर नागरिक का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे और लोग सिर्फ शुद्ध और अच्छी गुणवत्ता वाली चीजें ही खाएं।
