द फॉलोअप, रांची:
CBI के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने बहुचर्चित अलकतरा घोटाले में चार आरोपियों को तीन तीन साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। चारो ट्रांसपोर्टर हैं। उनके नाम विनय कुमार सिन्हा, आशीष मैती, राज कुमार राय एवं रंजन प्रधान हैं। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में अलकतरा खरीद और ट्रांसपोर्टिंग से जुड़े तीन अधिकारियों एसके दास, एसएम औरंगजेब और एनसी प्रसाद को दोष मुक्त करार दिया। जिन ट्रांसपोर्टरों को सजा सुनाई गयी है, उन पर भ्रष्टाचार में शामिल रहने और सरकारी संपत्ति के गबन का आरोप है।

सुनवाई के दौरान 36 गवाहों का बयान दर्ज
सुनवाई के दौरान कुल 36 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। उल्लेकनीय है कि 1997 में अलकतरा घोटाले को लेकर सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। हल्दिया से बरही तक अलकतरे की ढुलाई और आपूर्ति के लिए तीन आदेश जारी किए गए। लेकिन हल्दिया से अलकतरा बरही नहीं पहुंचा। लगभग 155 टन अलकतरा बीच रास्ते से गायब हो गया। इतना ही नहीं ट्रांसपोर्टरों ने बरौनी चेक पोस्ट पर भाड़ा जमा किए जाने का फर्जी बिल दिखा दिया। इससे राज्य सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान अलग से हुआ।
