द फॉलोअप डेस्क
गंगा नदी में आई बाढ़ के कारण साहिबगंज जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सभी स्कूलों को 11 और 12 अगस्त को बंद रखने का आदेश दिया गया है। यह आदेश रविवार रात जिला शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया है, जिसके तहत दोनों दिन स्कूलों में अवकाश रहेगा।
साहिबगंज नगर परिषद के कुल 28 वार्डों में से 11 वार्ड बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। लगभग 1600 घरों के 8000 से अधिक लोग बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं। घरों के आस-पास पानी भर जाने से स्कूली बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दियारा क्षेत्र और शहरी इलाकों के कई स्कूलों में पानी घुस चुका है, जिससे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया है। बाढ़ का सबसे अधिक असर साहिबगंज के वार्ड नंबर 13 हबीबपुर पर पड़ा है, जहां 400 से ज्यादा घरों में पानी घुसने से हालात गंभीर हो गए हैं। इसके अलावा, वार्ड नंबर 22 चानन गांव भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। गंगा का निर्धारित खतरे का निशान 27.25 मीटर है, जबकि सोमवार सुबह 6 बजे तक इसका जलस्तर 28.62 मीटर मापा गया, जो खतरे के निशान से 1 मीटर 37 सेंटीमीटर अधिक है। इसके चलते दियारा क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया है और शहरी क्षेत्र में भी पानी घुस चुका है। शहर की भरतिया कॉलोनी में भी पानी घुसने से लोग परेशान हैं। घरों में पानी भर जाने के कारण कई परिवारों ने चौक बाजार स्थित ए.एम.के. बड़ी धर्मशाला में शरण ली है। इस कॉलोनी के 104 परिवार बाढ़ के कारण सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं।
साहिबगंज में गंगा नदी का उफान सावन और भादो के महीनों में अधिकतर देखने को मिलता है, जब भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। नेपाल से छोड़ा गया पानी और कोसी नदी के माध्यम से गंगा में पानी का आगमन इस बाढ़ की स्थिति को और बिगाड़ देता है।
