द फॉलोअप डेस्क
गढ़वा में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की योजना बनाई है। सोमवार को समाहरणालय में आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दिनेश यादव ने की। बैठक के दौरान अवैध खनन के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाइयों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में अवैध खनन की स्थिति और इसे नियंत्रित करने के प्रयासों की जानकारी ली। पहली बार अवैध खनन करते पकड़े जाने पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि किसी वाहन मालिक/चालक को दोबारा संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
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उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और सभी संबंधित विभागों को मिलकर छापेमारी अभियान चलाने, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए गए। अधिकारी प्रत्येक माह की प्रगति रिपोर्ट बैठक में प्रस्तुत करेंगे, नियमित क्षेत्र भ्रमण करेंगे और कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे। अनुमंडल स्तर पर निगरानी को और मजबूत बनाने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा, जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि शेष अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सतत, कठोर और परिणामोन्मुख कार्रवाई जारी रहेगी।
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