द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह के जिला अवर निबंधक सहदेव मेहरा बिना मोटा कमिशन लिए जमीन की रजिस्ट्री नहीं करते। वे साफ कहते हैं कि जब तक घूस नहीं मिलेगा जमीन की रजिस्ट्री नहीं करें। जहां जाना है जाओ। यह आरोप भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने लगाया है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। इसके अलावा उसकी प्रतिलिपि राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग झारखंड को भी दी गई है। बाबूलाल मरांडी ने सीएस से यह भी कहा कि सहदेव मेहरा ने अपने पद का किस तरह दुरूपयोग कर रहे हैं, कैसे करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है जांच कराने पर सब साफ हो जाएगा।

जानें क्या है पत्र में
बाबूलाल मरांडी ने सीएस को लिखे पत्र में कहा है कि गिरिडीह जिला अवर निबंधक सहदेव मेहरा काले कारनामे की ओर आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहूंगा। इस संबंध में गिरिडीह निवासी किशन कुमार सिन्हा एवं इन्द्रजीत यादव से उन्हें एक आवेदन मिला जो वे इस पत्र के साथ संलग्न कर उन्हें प्रेषित कर रहा हूं। आप अवगत होंगे कि सहदेव मेहरा (तत्कालीन जिला अवर निबंधक, रांची) द्वारा संजीवनी बिल्डकॉन द्वारा जमीन घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक थे। इन्होंने निबंधक पद पर रहते हुए जमीन माफियाओं को गलत तरीके से जमीन के दस्तावेज में छेड़छाड़ कर संजीवनी बिल्डकॉन की फायदा पहुंचाया और सैकड़ों लोगों द्वारा जमीन खरीदने के लिए जमा राशि को हड़प लिया था। इसकी जांच C.B.I कर रही है। इस मामले में सहदेव मेहरा जेल भी गए, अभी जमानत पर हैं। अपने पद पर रहते हुए सहदेव ने रजिस्ट्री ऑफिस को लूट का अड्डा बना दिया था। करोड़ों की संपत्ति अवैध रूप से अर्जित किए हैं। जिसकी जांच भी चल रही है। लेकिन, कानून की पेचिदगियों का लाभ उठाकर पुनः पद पर आसीन हैं, वर्तमान में ये जिला निबंधक गिरिडीह के पद पर पिछले 2.5 वर्षों से काबिज है।

एक लाख रुपए मांगा है घूस
बाबूलाल ने पत्र में आगे लिखा है कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान गिरिडीह के लोगों ने उनसे मिलकर इनके भ्रष्ट कारनामों की शिकायत की है कि बिना मोटा कमीशन लिए किसी की भी जमीन रजिस्ट्री नहीं करते हैं। यहां तक कि कुछ प्रमाण भी दिखाए थे। हद तो तब हो गई है जब आवेदक किशन कुमार सिन्हा एवं इन्द्रजीत यादव ने बेंगाबाद धाना संख्या 20 अन्तर्गत खाता नं0-14, प्लॉट नं0-303, रकवा - 30 डिसमिल जमीन का निबंधन सरकारी प्रावधान के अनुरूप शुल्क जमाकर सभी सही कागजात के साथ निबंधन कराने जब कार्यालय पहुंचे तो मेहरा ने निबंधन के एवज में एक लाख रूपये घूस मांगा। क्रेता द्वारा घूस की राशि देने से इंकार करने पर उन्हें कार्यालय से धक्का देकर निकाल दिया। SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकी दे डाली। मेहरा ने यहां तक कहा कि जब तक घूस की रकम नहीं दोगे, तब तक रजिस्ट्री नहीं करेंगे, जहां जाना है जाओ। यह सब बात वीडियो रिकॉर्डिंग में भी है। जो सभी अखबारों में प्रकाशित भी हुआ है। जिसकी छायाप्रति संलग्न हैं। जब यह समाचार मीडिया के सुर्खियों में आ गया तो अपने को बचाने के लिए जमीन क्रेता पर झूठा एवं मनगढ़ंत आरोप लगाकर केस भी दर्ज करा दिया है। क्रेता का सब कुछ सही रहते हुए भी आज तक निबंधन नहीं किया गया है। बाबूलाल ने अपने पत्र में कहा है कि मेहरा के सेवाकाल की जांच करा लें। पता चलेगा कि ये अपने पद का दुरुपयोग कर किस तरह करोड़ों की संपत्ति अर्जित किए हैं। आपसे अनुरोध होगा कि आवेदन के आलोम में सहदेव मेहरा पर कठोर कार्रवाई की जाएं और इसकी जांच कराकर दोषी पाए जाने पर निलंबित किया जाए।

हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT