गोड्डा
गोड्डा जिले में कोयला (Coal) और राख (Ash) की ढुलाई (Transportation) से जुड़े ट्रक मालिकों (Truck Owners) ने अपनी मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन (Company Management) के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। ट्रक एसोसिएशन (Truck Association) ने नौ सूत्री मांगों (Nine-point Demands) को लेकर कंपनी प्रबंधन को ज्ञापन (Memorandum) सौंपने का निर्णय लिया है। मांगें पूरी नहीं होने पर एसोसिएशन ने कोयला और राख की ढुलाई बंद करने की चेतावनी (Warning) दी है। इस संबंध में गोड्डा स्थित एसबीएसएसपीएसजे कॉलेज में ट्रक एसोसिएशन की बैठक (Meeting) आयोजित की गई। बैठक में सैकड़ों ट्रक मालिकों ने भाग लिया और ढुलाई कार्य से जुड़ी समस्याओं (Issues) पर चर्चा की। एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में स्थानीय ट्रक मालिकों को प्राथमिकता (Priority), निर्धारित भाड़ा (Fixed Freight Rate), समय पर भुगतान (Timely Payment) और डीजल की व्यवस्था (Diesel Supply) शामिल है।

ये हैं मुख्य मांगें
एसोसिएशन का कहना है कि कोयला और राख की ढुलाई के कार्य में गोड्डा जिले के स्थानीय ट्रक और हाइवा मालिकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही, अडाणी के ट्रांसपोर्टिंग कार्य में सभी वाहनों को अंडरलोड चलाने की मांग की गई है। ट्रक मालिकों ने ईसीएल की ललमटिया परियोजना से अडाणी पावर प्लांट तक कोयला ढुलाई के लिए 350 रुपये प्रति टन भाड़ा निर्धारित करने की मांग की है। वहीं, राख की ढुलाई के लिए शून्य से 50 किलोमीटर तक 350 रुपये प्रति टन और 50 से 100 किलोमीटर तक 600 रुपये प्रति टन भाड़ा तय करने की मांग रखी गई है। एसोसिएशन ने स्थानीय ट्रक और हाइवा वाहनों के लिए कंपनी की ओर से डीजल की व्यवस्था करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत डीजल की राशि भुगतान से काटकर शेष भाड़े का भुगतान जीएसटी सहित वाहन मालिकों के बैंक खातों में करने की मांग की गई है।

भुगतान प्रक्रिया को नियमित और समयबद्ध बनाने पर जोर
इसके अलावा, ट्रक मालिकों ने भुगतान प्रक्रिया को नियमित और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया है। एसोसिएशन के प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक महीने की 1 से 15 तारीख तक किए गए ढुलाई कार्य का बिल 17 तारीख तक जमा कराया जाए और उसका भुगतान 22 तारीख तक कर दिया जाए।
ट्रक मालिकों का कहना है कि ढुलाई कार्य में स्थानीय वाहन मालिकों की भागीदारी, उचित भाड़ा और समय पर भुगतान सुनिश्चित होना जरूरी है। एसोसिएशन अब अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपेगा। मांगों पर सही निर्णय नहीं होने की स्थिति में कोयला और राख की ढुलाई बंद करने का कदम उठाया जा सकता है।
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